ललितपुर के एसडीएम ने अपने सरकारी आवास में खुद को रायफल से उड़ाया

135 0

कानपुर। ललितपुर जिले के मड़ावरा के एसडीएम ने खुद को गोली मारकर आत्‍महत्‍या कर ली। एसडीएम हेमेंद्र कांडपाल ने रविवार (30 सितंबर) को अपने सरकारी आवास में ही खुद को रायफल से उडा़ लिया। हेमेंद्र की दो महीने पहले ही मड़ावरा तहसील पोस्टिंग हुई थी। बताया जा रहा है कि वह काम को लेकर काफी दबाव में थे। आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर जांच-पड़ताल की।

कैसे हुई घटना ?

बताया जा रहा है कि हेमेंद्र रविवार को ललितपुर में केंद्रीय मंत्री उमा भारती के कार्यक्रम से अपने आवास पर लौटे थे। आवास पर कर्मचारी धनीराम खाना बना रहा था और चालक महेंद्र भी उसका सहयोग कर रहा था। इसी बीच एसडीएम अपनी सुरक्षा में तैनात होमगार्ड संतोष के पास गए और उसकी सरकारी रायफल व दो कारतूस मांगे। संतोष हिचकिचाया तो एसडीएम ने उसको डांट दिया। इसके बाद बाद होमगार्ड ने अपनी रायफल दे दी। हेमेंद्र कमरे में पहुंचे और अपनी ठोढ़ी से रायफल सटाकर खुद को गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर धनीराम, चालक महेंद्र और दोनों होमगार्ड कमरे में पहुंचे तो वहां का दृश्‍य देख उनके होश उड़ गए। एसडीएम का लहूलुहान शव जमीन पर पड़ा था। गोली सिर को फाड़ते हुए निकल गई थी।

मौके पर पहुंचे आला अधिकारी

घटना की सूचना मिलते ही डीएम मानवेन्द्र सिंह, एसपी ओपी सिंह, एडीएम, तहसीलदार मड़ावरा, एसडीएम महरौनी समेत भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। धनीराम व होमगार्डों से पूछताछ की गई। हेमेंद्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। अधिकारियों ने मुरादाबाद फोन कर हेमेंद्र के परिजनों को जानकारी दी। पुलिस ने घटनास्थल से मिले एसडीएम के तीनों मोबाइल और अन्य सामान जब्त कर जांच शुरू कर दी है।

बच्‍चे की बीमारी से थे परेशान

तेजतर्रार अधिकारियों में शुमार हेमेंद्र के परिवार में पत्‍नी, एक बेटी और बेटा हैं। उनका परिवार मड़ावरा में साथ नहीं रहता था। उनके मिलने-जुलने वाले अफसरों और कर्मचारियों के मुताबिक उनका बेटा मानसिक रूप से दिव्यांग है। हेमेंद्र की पत्‍नी का कहना है कि वह बीमार बेटे के इलाज को लेकर काफी परेशान चल रहे थे। अपने घर मुरादाबाद तबादले के लिए भी हेमेंद्र प्रयास कर रहे थे, लेकिन उन्‍हें कामयाबी नहीं मिली। बताया जा रहा कि इस दौरान उन्हें छुट्टी भी नहीं मिल पा रही थी।

पिछले साल ही हुई थी पदोन्‍नति

बता दें कि हेमेंद्र कांडपाल की नियुक्ति वर्ष 1996 में लोक सेवा आयोग से नायब तहसीलदार के पद पर हुई थी। पिछले साल ही पीसीएस पद पर उनकी प्रोन्नति हुई थी। दो माह पहले ही उन्‍होंने मड़ावरा के एसडीएम की जिम्मेदारी संभाली थी।

Related Post

सुप्रीम कोर्ट ने कहा – संसद में चर्चा के चलते किसी मुद्दे को नहीं छोड़ सकते हम

Posted by - October 27, 2017 0
सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट कहा कि संसद में चर्चा जारी होने के कारण हम किसी मुद्दे से दूर…

Thugs की शूटिंग के वक्त अमिताभ बच्‍चन की टूट गई थीं हड्ड‍ियां, फिर भी नहीं रोकी शूटिंग

Posted by - September 29, 2018 0
मुंबई। ‘ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान’ का दमदार ट्रेलर हाल ही में रिलीज हुआ है। ट्रेलर में आमिर और अमिताभ की जबरदस्त…

पुलवामा सीआरपीएफ कैम्प पर फिदायीन हमला, तीन कैप्टन समेत 5 शहीद

Posted by - December 31, 2017 0
जैश-ए-मोहम्मद ने ली हमले की जिम्‍मेदारी, सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में तीन आतंकियों को ढेर किया श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के पुलवामा…

मधुर भंडारकर का खुलासा – मोदी को पीएम नहीं देखना चाहता था बॉलीवुड का एक गुट

Posted by - June 19, 2018 0
भिलाई। जाने-माने फिल्म निर्माता-निर्देशक मधुर भंडारकर ने खुलासा किया है कि बॉलीवुड का एक तबका नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *