पचरुखिया गोलीकांड:19 साल पुराना हत्‍या का मामला दोबारा खुलने से मुश्किल में योगी

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  • हाईकोर्ट ने जिला सत्र न्‍यायालय को दिया बंद हो चुके केस को दोबारा शुरू करने का निर्देश  

महराजगंज। जिले के बहुचर्चित पचरुखिया गोलीकांड की फाइल एक बार खुल गई है। वर्ष 1999 में हुई इस चर्चित घटना की विवेचना शासन के निर्देश पर सीबीसीआईडी को सौंप दी गई थी। सीबीसीआईडी ने इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाकर केस बंद कर दिया था। कांग्रेस नेत्री तलत अजीज (तब सपा में) ने इसके खिलाफ सीजेएम कोर्ट में याचिका दायर की, लेकिन कोर्ट ने इसे ख़ारिज कर दिया। इसके बाद कांग्रेस नेत्री इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचीं,  जिस पर हाईकोर्ट ने याचिका तो खारिज कर दी लेकिन सत्र न्यायालय को मामले की दोबारा सुनवाई के निर्देश दिए। इससे सीएम योगी आदित्‍यनाथ की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

27 अक्‍टूबर को होगी सुनवाई

कांग्रेस नेत्री ने अपने एडवोकेट हमीदुल्लाह खान के जरिए 20 अगस्त को सेशन कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की। कोर्ट ने सीएम योगी आदित्यनाथ समेत सभी विपक्षियों को नोटिस जारी करने का आदेश देते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 सितम्बर की तारीख मुकर्रर की। 20 सितम्बर को सुनवाई के दौरान पता चला कि किसी कारण से नोटिस जारी नहीं हो पाई। इस पर जिला सेशन कोर्ट ने सीएम योगी आदित्‍यनाथ को दोबारा नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा है। अगली सुनवाई अब 27 अक्टूबर को होगी।

क्‍या था मामला ?

वर्ष 1999 में महराजगंज जिले के पचरुखिया में कब्रिस्‍तान और श्‍मशान की भूमि को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया था। इसी सिलसिले में तलत अजीज 10 फरवरी, 1999 को पचरुखिया गांव पहुंची थीं। आरोप है कि गोरखपुर के तत्‍कालीन सांसद योगी आदित्‍यनाथ भी अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए। वहां दोनों पक्षों में टकराव हुआ। इसी दौरान किसी ने फायरिंग कर दी और गोली लगने से तलत अजीज के गनर हेड कांस्‍टेबल सत्‍य प्रकाश की मौत हो गई। इसके बाद तलत अजीज ने योगी आदित्‍यनाथ समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ कोतवाली महराजगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसी मामले में कोतवाली के तत्‍कालीन एसएचओ बीके श्रीवास्‍तव ने भी योगी और 21 अन्‍य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।

सीएम योगी को झटका

अब इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर सत्र न्‍यायालय इस मामले की दोबारा सुनवाई कर रहा है। इस फैसले से सीएम योगी आदित्‍यनाथ को बड़ा झटका लगा है। साथ ही, 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले यह भाजपा के लिए भी परेशानी का सबब हो सकता है। कांग्रेस नेत्री तलत अजीज के अधिवक्ता हमीदुल्लाह खान ने बताया कि पुनर्विचार याचिका पर 27 अक्टूबर को सेशन कोर्ट में सुनवाई होगी। कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए सीएम योगी आदित्‍यनाथ समेत सभी आरोपियों को नोटिस जारी किया है और एक हफ्ते में जवाब मांगा है।

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