रिपोर्ट में दावा : 2030 में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बन जाएगा भारत

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नई दिल्ली। वर्ष 2017 में भारत ने फ्रांस को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का तमगा हासिल किया था। अब सारे संकेत बता रहे हैं कि हमारा देश सकल घरेलू उत्‍पाद (GDP) के मामले में 2030 तक जर्मनी और जापान को पीछे धकेल कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बन जाएगा।  

किसने जारी की है रिपोर्ट

ब्लूमबर्ग में प्रकाशित एचएसबीसी होल्डिंग्स पीएलसी की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंक की लॉन्ग-टर्म रैंकिंग में दक्षिण एशिया की यह विशालकाय अर्थव्यवस्था सबसे ज्यादा उछाल भरने वाली अर्थव्यवस्थाओं में एक दिख रही है। अगर यही वृद्धि दर बरकरार रही तो भारत दुनिया की जीडीपी लिस्ट में मौजूदा स्थिति से तीन स्थान ऊपर होगा।

क्‍या कहा गया है रिपोर्ट में

रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल जर्मनी और जापान सबसे तेजी से वृद्धि करने वाली अर्थव्यवस्थाएं हैं, लेकिन इन विकसित देशों के सामने सबसे बड़ी चिंता तेजी से बूढ़ी होती वर्कफोर्स है। बुजुर्ग आबादी में बढ़ोतरी से इन देशों की अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान घट रहा है। ऐसी स्थिति में भारत को आधी से ज्यादा युवा आबादी का फायदा मिलेगा और भारत अर्थव्यवस्था के त्वरित विकास और कामकाजी उम्र की बढ़ती आबादी के मामले में जर्मनी और जापान को पीछे छोड़ देगा।

अमेरिका को पछाड़कर चीन होगा नंबर वन

रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2030 तक चीन अमेरिका को पछाड़कर दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। उसके बाद अमेरिका और फिर तीसरे नंबर पर भारत की अर्थव्‍यवस्‍था होगी। उस समय चीन की जीडीपी 26 लाख करोड़, अमेरिका की जीडीपी 25.2 लाख करोड़ जबकि भारत की जीडीपी 5.9 लाख करोड़ रुपये की होगी।

भारत की वृद्धि दर उल्‍लेखनीय

रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल और जून 2018 में भारत की अर्थव्यवस्था ने 8.2 फीसदी की दर से वृद्धि की है। पिछली तिमाही की तुलना में इसमें तेजी आई है और इसने विशेषज्ञों की उम्मीदों से ज्यादा अच्छा प्रदर्शन किया है। दो सालों में यह वृद्धि दर सबसे ज्यादा है। वर्तमान में 8.2 फीसदी दर के साथ भारत दुनिया की सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था के दर्जे को बरकरार रखे हुए है। जिन सेक्टर्स में 7 फीसदी से ज्यादा ग्रोथ हुई है, उनमें मैनुफैक्चरिंग, इलेक्ट्रीसिटी, गैस, वॉटर सप्लाई और अन्य सर्विसेज़ शामिल हैं। इनमें कंस्ट्रक्शन, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, डिफेंस जैसे सेक्टर्स भी शामिल हैं। वहीं चीन की जीडीपी ग्रोथ जून के अंत में 6.8 फीसदी थी।

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