मोबाइल सिम, बैंक अकाउंट और स्‍कूल एडमिशन के लिए जरूरी नहीं आधार : SC

159 0
  • सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने अपने अहम फैसले में कुछ शर्तों के साथ बरकरार रखी आधार की वैधता

नई दिल्‍ली। ‘आधार’ की वैधता को लेकर दायर याचिकाओं पर बुधवार (26 सितंबर) को सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने बहुप्रतीक्षित फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आधार की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा है, लेकिन इस पर कुछ शर्तें भी लगाई हैं।  बता दें कि संविधान पीठ ने 38 दिनों तक चली लंबी सुनवाई के बाद 10 मई को आधार मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस मामले में हाईकोर्ट के पूर्व जज केएस पुत्तास्वामी की याचिका सहित कुल 31 याचिकाएं दायर की गई थीं।

क्‍या कहा सर्वोच्‍च अदालत ने ?

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता में पांच जजों की पीठ ने इस मसले पर फैसला सुनाया। ​इनमें जस्टिस एके सीकरी, जस्टिस एएम खानविल्कर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस अशोक भूषण शामिल हैं। जस्टिस सीकरी ने फैसला पढ़ते हुए कहा कि आधार एक्ट में मामूली बदलाव करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार या कोई कंपनी आधार नंबर को छह महीने से ज्यादा स्टोर नहीं रख सकती है। अगर आप बैंक खाता खुलवाने या सिम कार्ड लेने के लिए आधार नंबर  देते हैं तो उस डाटा को 6 महीने से ज्यादा स्टोर नहीं किया जा सकता है। पहले यह डेटा पांच साल तक रखने की बात हुई थी।

क्‍या कहा जस्टिस सीकरी ने ?

आधार पर फैसला पढ़ते हुए जस्टिस सीकरी ने कहा, ‘आधार पर हमला संविधान के खिलाफ है। ये जरूरी नहीं है कि हर चीज बेस्ट हो, लेकिन कुछ अलग भी होना चाहिए।’ जस्टिस सीकरी ने यह भी कहा कि इसमें डुप्लीकेसी की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड पर हमला करना लोगों के अधिकारों पर हमला करने के समान है। जस्टिस सीकरी ने कहा, ‘इससे आबादी के एक बहुत बड़े हिस्से को फायदा हो रहा है। कुछ लोगों के पास आधार नहीं है इसलिए आधार को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता है। ‘ उन्‍होंने कहा कि आधार एक्ट में ऐसा कुछ नहीं है, जिससे किसी की निजता पर सवाल खड़ा हो।

आइए जानते हैं फैसले के प्रमुख बिंदु क्‍या हैं  

  • सुप्रीम कोर्ट ने PAN के लिए आधार की अनिवार्यता को बरकरार रखा है।
  • इनकम टैक्स की धारा 139AA को बरकरार रखा गया है। इसके तहत इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में आधार अनिवार्य बना रहेगा।
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आधार बैंक अकाउंट और मोबाइल सिम के लिए जरूरी नहीं है।
  • कोर्ट ने कहा कि CBSE, NEET और UGC के लिए आधार जरूरी होगा।
  • अब स्कूल में एडमिशन के लिए आधार अनिवार्य नहीं होगा। अगर कोई बच्चा आधार जमा नहीं करता तो भी उसे किसी स्कीम से बाहर नहीं रखा जा सकता है।
  • जस्टिस सीकरी ने सेक्शन 32 (2) को खारिज कर दिया है। इसके तहत नेशनल सिक्योरिटी के नाम पर सरकार आपके हर डाटा पर नजर रख सकती थी।
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सिर्फ ज्वाइंट सेक्रेटरी और इससे ऊपर के अधिकारी ही डेटा शेयर करने पर कोई फैसला ले सकते हैं।
  • सरकार बायॉमीट्रिक डेटा को राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर कोर्ट की इजाजत के बिना किसी और एजेंसी से शेयर नहीं करेगी।
  • पीठ ने सरकार को कहा है कि जितनी जल्दी हो सके श्रीकृष्णा कमेटी के डेटा प्रोटेक्शन से जुड़े सुझावों को लागू किया जाए।
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी भी अवैध आप्रवासी को आधार या किसी स्कीम का फायदा नहीं दिया जा सकता है।
  • जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, आधार को मनी बिल के तौर पर पास नहीं कराया जा सकता।
  • जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, स्वतंत्र रेगुलेटरी फ्रेमवर्क नहीं होने की वजह से डेटा प्रोटेक्शन से समझौता हो रहा है। आधार एक्ट आर्टिकल 14 के तहत टेस्ट में पास नहीं होता है। 

Related Post

मानहानि मामला : कुमार विश्वास ने भी मांगी माफी, जेटली ने वापस लिया केस

Posted by - May 28, 2018 0
कुमार विश्‍वास बोले – केजरीवाल मेरे सम्पर्क में नहीं, वे आदतन झूठे हैं और झूठ बोलकर गायब हैं नई दिल्ली। मुख्‍यमंत्री…

‘पद्मावत’ के विरोध में अहमदाबाद के मॉल में तोड़फोड़, 40 गाड़ियां फूंकीं

Posted by - January 24, 2018 0
बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को करनी पड़ी फायरिंग अहमदाबाद। संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मवात’ के…

गांधी, नेहरू पर कमेंट कर फंसे आप नेता आशुतोष, होगी एफआईआर

Posted by - May 8, 2018 0
दिल्‍ली की रोहिणी कोर्ट की एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट एकता गाबा ने दिया आदेश नई दिल्ली। राष्‍ट्रपिता महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *