यहां सब्जी-किराने का भी होता है ऑनलाइन पेमेंट, ये हैं दुनिया के 5 सबसे बड़े कैशलेस देश

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नई दिल्‍ली। दुनिया में कई ऐसे देश हैं, जिन्‍होंने पूरी तरह कैशलेस होने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। इस बात का खुलासा हुआ है मास्टरकार्ड की रिपोर्ट से। आइए जानते हैं कौन-कौन से हैं ये देश –

स्वीडन : इस देश की अर्थव्यवस्था लगभग कैशलेस है। चाहे बस का सफर हो या गिरजाघर में दान, सब कुछ कार्ड या ऑनलाइन बैंकिंग से होता है। यहां सिर्फ तीन फीसद लेन-देन कैश में होता है।

नॉर्वे : ई-बैंकिंग में दुनिया के देशों में नॉर्वे का नाम सबसे आगे है। स्ट्रीट फूड और अखबार तक यहां मोबाइल बैंकिंग से लोग खरीदते हैं। देश के सबसे बड़े बैंक ‘डीएबी’ ने पिछले साल लोगों को नकद का इस्तेमाल करने से मना किया था। कुछ बैंक तो यहां खाताधारकों को कैश ही नहीं देते।

डेनमार्क : पैसों से जुड़े लेन-देन को देश की एक तिहाई आबादी मोबाइल एप्लीकेशन ‘मोबाइल-पे’ से चलाती है। कारोबारी, रेस्त्रां और पेट्रोल पंप ग्राहकों से कैश लेने से मना कर देते हैं, जो यहां वैध है। हालांकि, अस्पतालों और डाकघरों में ऐसा नहीं होता। 2030 तक यहां की सरकार पेपर मनी से छुटकारा पाना चाहती है।

बेल्जियम : देश में तकरीबन 93 फीसद लोग जहां कैशलेस लेन-देन करते हैं, वहीं 86 फीसद के पास डेबिट कार्ड हैं। सरकार ने कैश लेन-देन की सीमा तीन हजार यूरो कर रखी है, लिहाजा लोग डिजिटल माध्यम से ही लेन-देन करते हैं।

फ्रांस : लेन-देन के लिए लोग फ्रांस में कॉन्टैक्टलेस कार्ड और मोबाइल पीओएस (प्वॉइंट ऑफ सेल) यूज करते हैं। बेल्जियम के बाद यहां की करीब 92 फीसद आबादी कैशलेस लेन-देन करती है।

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