पीएम मोदी ने जनता को समर्पित की दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ स्कीम ‘आयुष्मान भारत’

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रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड की राजधानी रांची से अपनी महत्‍वाकांक्षी योजना ‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ (आयुष्मान भारत) का रविवार (23 सितंबर) को शुभारंभ कर दिया। इस योजना का लाभ देश के कुल 10.74 करोड़ परिवारों को मिलेगा। अभी देश के 29 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के 445 जिलों में यह योजना लागू होने जा रही है। वैसे, यह योजना प्रभावी तौर पर 2 दिन बाद यानी 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर पूरी तरह लागू हो जाएगी। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने यूपी के लिए इस योजना का शुभारंभ प्रदेश की राजधानी लखनऊ से किया। 

यह दरिद्र नारायण की सेवा : मोदी

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का शुभारंभ करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘इस योजना का आकलन भविष्य में मानवता की बहुत बड़ी सेवा के रूप में होना तय है। कुछ लोग इसे मोदी केयर कह रहे हैं, तो कुछ लोग गरीबों के लिए योजना कह रहे हैं, लेकिन मैं इसे दरिद्र नारायण की सेवा कहता हूं।’ उन्होंने कहा कि पूरे यूरोपीय संघ, अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की जनसंख्या से भी ज्यादा आबादी को एक साथ इस योजना का लाभ मिलने जा रहा है।

कांग्रेस पर साधा निशाना

पीएम मोदी ने कांग्रेस का नाम लिए बिना कहा, ‘जो लोग गरीबों के नाम की माला जपते थे, जो लोग गरीबी हटाओ का नारा देते थे, वे लोग सोचते थे कि गरीब कुछ न कुछ मांगता है। यही उनकी सबसे बड़ी गलतफहमी थी। गरीब से बड़ा स्वाभिमानी कोई नहीं होता, मैंने भी गरीबी को देखा है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के गरीबों को भी वो सुविधा मिलनी चाहिए जो इस देश के धनी आदमी को मिलती है। पीएम ने कहा कि हमारी सारी योजनाएं गरीबों के सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर बनाई गई हैं। इस योजना का लाभ हर समाज, हर बिरादरी, पंथ और समुदाय को मिलेगा यही ‘सबका साथ, सबका विकास’ है।

देश के अंतिम व्‍यक्ति को लाभ : नड्डा

इससे पहले पीएम मोदी का स्वागत करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सिर्फ देश में ही नहीं, दुनिया ने भी भारत की इस योजना की सराहना की है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सबसे बड़ी पत्रिका लैंसेट ने कहा है कि आयुष्मान भारत अभियान के जरिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक प्रतिमान स्थापित होगा। जेपी नड्डा ने कहा कि देश के अंतिम व्यक्ति को इसका लाभ पहुंचे, ऐसा प्रधानमंत्री मोदी का उद्देश्य है।

किस अस्पताल में होगा इलाज ?

इस योजना के लिए सरकार की सूची में शामिल सरकारी या प्राइवेट किसी भी अस्पताल में इसका लाभ लिया जा सकता है। सरकार को अब तक 15,500 से ज्यादा अस्पतालों से इससे जुड़ने के लिए आवेदन मिल चुके हैं। इनमें से 7,500 यानी करीब आधे आवेदन प्राइवेट हॉस्पिटलों के हैं। करीब 10 हजार अस्पतालों को इस स्कीम के लिए चुना जा चुका है, जिनमें सरकारी और प्राइवेट दोनों अस्पताल शामिल हैं।

किन राज्यों में फिलहाल लागू नहीं?

बता दें कि अभी कुछ राज्‍यों में यह योजना लागू नहीं हो रही है। दिल्ली, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, केरल, तेलंगाना और पंजाब ने अभी इस योजना के लिए केंद्र के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैडिंग (MoU) पर दस्तखत नहीं किए हैं। ये राज्य इसी तरह की योजना खुद चलाना चाहते हैं, वहीं पश्चिम बंगाल जैसे कुछ राज्‍यों में पहले से ही इस तरह की योजना चल रही है।

आइए आपको बताते हैं इस योजना की खास बातें – 

  • इस योजना के तहत 10.74 करोड़ परिवारों के करीब 50 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा। इनमें से करीब 8 करोड़ ग्रामीण परिवार हैं तो करीब 2.4 करोड़ शहरी परिवार हैं।
  • लाभार्थी परिवार पैनल में शामिल सरकारी या निजी अस्पताल में प्रति साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज करा सकेंगे।
  • इस स्कीम की शुरुआत के साथ ही देश के 10,000 सरकारी और निजी अस्पतालों में गरीबों के लिए 2.65 लाख बेड की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।
  • इलाज के कुल 1,354 पैकेज हैं, जिसमें कैंसर सर्जरी और कीमोथेरपी, रेडिएशन थेरपी, हार्ट बाईपास सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, रीढ़ की सर्जरी, दांतों की सर्जरी, आंखों की सर्जरी और एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी जांच शामिल हैं।
  • इस योजना पर होने वाले खर्च का 60 प्रतिशत केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी।
  • मौजूदा वित्त वर्ष में इस योजना की वजह से केंद्र पर 3,500 करोड़ का भार पड़ने का अनुमान है। 2018-19 के बजट में इस मद में 2,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।
  • नेशनल हेल्थ एजेंसी ने 14,000 आरोग्य मित्रों को अस्पतालों में तैनात किया है। इनके जिम्‍मे मरीजों की पहचान सत्यापित करने और उन्हें इलाज के दौरान मदद करने का काम होगा।
  • 2011 के सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना में गरीब के तौर पर चिह्नित किए गए सभी लोगों को इस योजना के लिए पात्र माना गया है।
  • बीमा कवर के लिए उम्र की कोई बाध्यता नहीं है और ना ही परिवार के आकार को लेकर कोई बंदिश है। योजना का मकसद सभी गरीबों को इससे जोड़ना है।
  • नेशनल हेल्थ एजेंसी ने एक वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबर लॉन्च किया है, जिसकी मदद से कोई भी यह जांच सकता है कि लाभार्थियों की फाइनल लिस्ट में उसका नाम शामिल है या नहीं।
  • लिस्ट में अपना नाम जांचने के लिए आप mera.pmjay.gov.in वेबसाइट देख सकते हैं या हेल्पलाइन नंबर 14555 पर कॉल कर सकते हैं।
  • इस स्कीम का फायदा उठाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है। आप पात्र हैं तो आपको बस अपनी पहचान स्थापित करनी होगी, जिसे आप मतदाता पहचान पत्र या राशन कार्ड जैसे पहचान पत्रों से स्थापित कर सकते हैं।

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