राफेल विवाद:जेटली बोले-रद्द नहीं होगी डील, ओलांद के बयान की टाइमिंग पर उठाए सवाल

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नई दिल्‍ली। राफेल डील मामले में फ्रांस के पूर्व राष्‍ट्रपति फ्रांस्‍वा ओलांद के बयान के बाद मचे सियासी घमासान के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली ने किसी भी तरह के घोटाले के आरोप को खारिज किया है। उन्‍होंने दो टूक कहा कि इन आरोपों के बावजूद राफेल डील रद्द नहीं होगी।

कैग की रिपोर्ट का करेंगे इंतजार

एक समाचार एजेंसी को  दिए इंटरव्यू में वित्त मंत्री ने कहा, ‘राफेल डील एक साफ-सुथरा सौदा है जिसे रद्द करने का कोई सवाल ही नहीं है। जहां तक सवाल विमानों के कम या ज्यादा कीमतों का है तो ये सारे आंकड़े नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) के सामने हैं। कांग्रेस भी कैग के पास गई है। हम कैग की रिपोर्ट की प्रतीक्षा करेंगे।’ बता दें कि कैग आंकड़ों के मामले में विशेषज्ञ संस्था है। राफेल विमान की कीमतों को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए जेटली ने कहा कि फ्रांस और भारत के बीच गोपनीय समझौता पूर्व की यूपीए सरकार के दौरान हुआ था। इस समझौते पर पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी के हस्ताक्षर हैं।

ओलांद-राहुल की जुगलबंदी पर सवाल

अरुण जेटली ने फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांसवा ओलांद के बयान की टाइमिंग पर भी सवाल उठाए हैं। उनहोंने कहा कि उन्हें आश्चर्य नहीं होगा कि सारी बातें सोच-समझकर कही गई हों। उन्होंने सवाल उठाया, ‘राहुल गांधी 30 अगस्त को ट्वीट करते हैं कि आने वाले कुछ हफ्तों में इस मामले में कुछ धमाके होने वाले हैं। ये उनको (राहुल गांधी) कैसे मालूम कि ऐसा बयान आने वाला है?’ जेटली ने कहा, ‘इस तरह की जो जुगलबंदी है, मेरे पास कुछ सबूत नहीं है, लेकिन मन में प्रश्न खड़ा होता है।’

राहुल ने क्‍या कहा था ट्वीट में ?

बता दें कि 30 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक खबर साझा करते हुए अपने एक ट्वीट में लिखा था, ‘वैश्विक भ्रष्‍टाचार। सच में राफेल विमान बहुत तेज और दूर उड़ता है। यह आने वाले एक-दो हफ्तों में बंकर को तबाह करने वाले बम गिरा सकता है। मोदी जी, कृपया अनिल को बताएं, फ्रांस में बड़ी दिक्कत है।’ इस खबर में फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्‍वा ओलांद की प्रेमिका जूलिया गाएट को राफेल सौदे से पहले अनिल अंबानी की रिलायंस इंटरटेनमेंट द्वारा फायदा पहुंचाने की बात कही गई थी।

क्‍या कहा था ओलांद ने ?

बता दें कि फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने कहा था कि राफेल सौदे के लिए भारत सरकार ने अनिल अंबानी की रिलायंस का नाम प्रस्तावित किया था और दसॉल्‍ट एविएशन कंपनी के पास दूसरा विकल्प नहीं था। ओलांद ने कहा, ‘भारत की सरकार ने जिस सर्विस ग्रुप का नाम दिया, उससे दसॉल्‍ट ने बातचीत की। दसॉल्‍ट ने अनिल अंबानी से संपर्क किया। हमारे पास कोई विकल्प नहीं था। हमें जो वार्ताकार दिया गया, हमने स्वीकार किया।’ ओलांद की यह बात सरकार के दावे को खारिज करती है जिसमें कहा गया था कि दसॉल्‍ट और रिलायंस के बीच समझौते में सरकार की कोई भूमिका नहीं थी।

राहुल ने तेज किया हमला

राफेल डील पर फ्रांस के पूर्व राष्‍ट्रपति ओलांद के बयान के बाद से राहुल गांधी का हमला और तेज हो गया है। शनिवार को उन्होंने एक बार फिर मोदी सरकार और रिलायंस कंपनी के मालिक अनिल अंबानी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन्होंने भारतीय शहीदों का अपमान किया है। राहुल ने कहा, ‘फ्रांस के एक पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि अनिल अंबानी की कंपनी को चुनने में उनका कोई रोल नहीं था। अनिल अंबानी को जो हजारों करोड़ों का करार मिला, वो नरेंद्र मोदी के कहने पर दिया गया था। मतलब, फ्रांस के एक पूर्व राष्ट्रपति भारत के प्रधानमंत्री को चोर कह रहे हैं। इस पर हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री को सफाई देनी चाहिए।’

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