उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी चलाते हैं शिमला का ये मशहूर कैफे, दूर-दूर से आते हैं लोग

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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला ऐसी जगह है जहां गर्मी हो या सर्दी, हर मौसम में लोग यहां की खूबसूरती देखने आते हैं। विदेशों से भी लोग इस जगह को देखने आते हैं। शिमला में एक ऐसा भी कैफे है जिसे 4 अपराधी मिलकर चलाते हैं। ये अपराधी अभी उम्रकैद की सजा काट रहे है।

क्या है खासियत

शिमला में मशहूर रिज के ठीक ऊपर आपको ‘बुक कैफे’ नाम का ये छोटा सा होटल दिख जाएगा। इस कैफे की खासियत जानने से पहले इसकी सेवाएं तो जान लीजिए। यहां आपको चाय, नाश्ता और स्वादिष्ट भोजन के अलावा पहाड़ों पर सैर कराने के लिए गाइड भी मिल जाता है, वो भी बुक कैफे की तरफ से ही। इस कैफे की सबसे खास बात ये है कि इसे 4 अपराधी चलाते हैं, जो कि शिमला के पास के कैठु जेल में अपनी उम्रकैद की सज़ा काट रहे हैं। इन चारों के नाम हैं- जय चाँद, योगराज, रामलाल और राजकुमार। इन चारों को बाकायदा प्रोफेशनल्स ने खाना बनाने और सर्व करने की ट्रेनिंग दी है।

क्या है कारण

बुक कैफे को राज्य पर्यटन विभाग द्वारा चलाया जा रहा है। कैदियों के जरिए इस कैफे को चलाने के पीछे कारण यह है कि इन कैदियों का पुनर्वास हो और उन्‍हें समाज से जोड़ा जा सके। ये कैफे 20 लाख की लागत में बना है और यहाँ करीब 40 लोगों के बैठने का इंतजाम है। यहां कस्टमर्स को कैदियों के हाथ से बना स्वादिष्ट बिस्कुट और पिज्जा भी खाने को मिलता है। तो अगर आप अगली बार शिमला जाने का प्लान बना रहे हैं तो यहां जाना बिल्कुल मत भूलें।

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