कश्मीर के शोपियां में अगवा करने के बाद आतंकियों ने की तीन पुलिसवालों की हत्‍या

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श्रीनगर।  घाटी में पुलिसवाले फिर आतंकियों के निशाने पर हैं। दक्षिण कश्मीर के शोपियां में आतंकवादियों ने तीन पुलिस वालों को अगवा करने के बाद उनकी हत्या कर दी। शहीद हुए पुलिसवालों में दो स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) और 1 जवान शामिल हैं। अभी तक किसी आतंकी समूह ने इसकी जिम्‍मेदारी नहीं ली है।

घर से किया था अगवा

संदिग्‍ध आतंकियों ने शोपियां के कापरन गांव से शुक्रवार (21 सितंबर) तड़के इन तीन पुलिस वालों के साथ एक अन्‍य व्यक्ति का अपहरण किया था। यह व्यक्ति एक पुलिस वाले का रिश्तेदार था, जिसे बाद में छोड़ दिया गया। आतंकी पुलिस वालों को जंगल में ले गए और उनकी हत्‍या कर दी। पुलिस वालों के शव कापरन गांव के पास मिले। इन्हें गोली मारी गई थी। इनकी बॉडी से बुलेट मिली हैं।

आतंकियों ने दी थी धमकी

मीडिया रिपोर्ट में पुलिस सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि बीते मंगलवार को आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को इस्तीफ़ा देने और ड्यूटी पर न जाने को कहा था। ऐसा न करने पर उन्‍हें अंजाम भुगतने की धमकी भी दी थी। आतंकियों ने यह धमकी वीडियो जारी कर दी थी। हिजबुल के धमकी भरे पोस्टर जम्मू-कश्मीर के कई गांवों में लगाए गए थे। माना जा रहा है कि धमकी देने वाला आतंकी लोकल कमांडर है, जिसे कश्मीरी भाषा में बोलते हुए सुना गया। बता दें कि पिछले महीने भी कई पुलिसकर्मियों को आतंकियों ने अगवा कर लिया था। हालांकि बाद में एक आतंकी के पिता की रिहाई के बाद उन्हें छोड़ दिया गया था।

महबूबा फिर बोलीं, बातचीत ही एकमात्र रास्‍ता

पुलिसकर्मियों की हत्या पर जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने ट्वीट किया है- ‘तीन और पुलिसकर्मी आतंकियों की गोली का शिकार बने। हमेशा की तरह हम सब गुस्सा, सदमा और निंदा करेंगे। दुर्भाग्यवश इससे पीड़ित परिवारों को कोई सांत्वना नहीं मिलती है।’  उन्होंने एक और ट्वीट में कहा – ‘पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को अगवा करने की बढ़ती घटनाओं से साफ़ है कि केंद्र सरकार की ज़ोर-ज़बरदस्ती की नीति बिल्कुल काम नहीं कर रही है। बातचीत ही एक मात्र रास्ता है।’

घरवालों भी को निशाना बना रहे आतंकी

बता दें कि आतंकियों ने अगस्त में कश्मीर के अलग-अलग इलाकों से पुलिसकर्मियों के 11 परिजनों को अगवा कर लिया था।  ऐसा कहा गया कि प्रशासन को इन्हें छुड़ाने के लिए आतंकवादियों की मदद करने वालों और पूछताछ के लिए लाए गए उनके परिजन को छोड़ना पड़ा था। कश्मीर में ईद के दिन भी आतंकियों ने तीन पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया था। पुलवामा में इंस्पेक्टर मोहम्मद अशरफ डार और स्पेशल पुलिस अफसर मोहम्मद याकूब की हत्या कर दी गई थी। वहीं, कुलगाम में नमाज पढ़कर लौट रहे जवान फयाज अहमद भट को गोली मार दी गई थी।

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