छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को बड़ा झटका, अजित जोगी की पार्टी संग मिलकर चुनाव लड़ेगी BSP

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  • मायावती ने कहा – जनता कांग्रेस के अध्‍यक्ष अजीत जोगी ही होंगे गठबंधन के मुख्‍यमंत्री का चेहरा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। बसपा प्रमुख मायावती ने यहां अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस (छत्तीसगढ़-जे) के साथ गठबंधन का ऐलान कर दिया है। इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि बसपा छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के साथ गठबंधन कर सकती है।

क्‍या कहा बसपा सुप्रीमो ने ?

बसपा प्रमुख मायावती ने गुरुवार (20 सितंबर) को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘बसपा छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने जा रही है। 90 सीटों वाली छत्तीसगढ़ विधानसभा के चुनाव में बसपा 35 सीटों पर, जबकि अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस 55 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।’ मायावती ने यह भी कहा कि अगर चुनाव में हमारे गठबंधन की जीत होती है तो अजीत जोगी ही राज्‍य के मुख्यमंत्री बनेंगे। बता दें कि छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कांग्रेस से निष्कासित किए जाने के बाद अपनी अलग पार्टी बना ली थी।

क्‍या बोले अजीत जोगी ?

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कहा, ‘बीजेपी पिछले 15 साल से यहां सत्ता में है। सत्ता का दुरुपयोग, पैसे का दुरुपयोग, प्रशासनिक तंत्रों का दुरुपयोग करके वह फिर से सत्ता में आना चाहती है। अब हमारा गठबंधन हो गया है। मायावती जी और हमलोग मिलकर बीजेपी को जरूर रोक लेंगे।’

महागठबंधन के हो रहे थे प्रयास

बता दें तक राजनीतिक हलकों में अभी तक कयास लगाया जा रहा था कि छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश में बसपा और कांग्रेस साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगी। इन तीनों ही राज्यों में इस समय बीजेपी की सरकार है। अभी पिछले हफ्ते ही छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा था कि राज्य में महागठबंधन बनाने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं। दोनों पार्टी के नेताओं की तरफ गठबंधन को लेकर लगातार बयान आ रहे थे। लेकिन अब ताजा घटनाक्रम ने महागठबंधन की उम्‍मीदों पर पानी फेर दिया है। बीजेपी वर्तमान मुख्यमंत्री रमन सिंह के नेतृत्व में ही विधानसभा का चुनाव लड़ेगी।

आदिवासी बहुल हैं 29 सीटें

बता दें कि छत्‍तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों में 29 सीटें आदिवासी बहुल हैं। आदिवासी बहुल इन 29 सीटों पर कब्‍जा किए बगैर किसी भी पार्टी का छत्‍तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में बहुमत हासिल करना और सत्‍ता तक पहुंचना संभव नहीं है। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस इन सीटों पर अपना दबदबा बनाने में कामयाब रही थी। कांग्रेस इस इलाके की 29 सीटों में से 18 सीटें जीतने में कामयाब रही थी, वहीं बीजेपी ने 11 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी।

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