दिल के दौरे से बचने के लिए रोज लेते हैं ऐस्पिरिन ? ये हो सकता है खतरनाक

141 0

मेलबॉर्न। शरीर या सिर दर्द से आराम पाने के लिए अक्‍सर हम ऐस्पिरिन दवा का सहारा लेते हैं। दिल के दौरे के बाद भी अक्सर डॉक्टर ऐस्पिरिन लेने की सलाह देते हैं क्योंकि ये दवा खून को पतला करती है और दोबारा दिल के दौरे से बचाती है। यह बात साबित भी हो चुकी है कि दिल का दौरा पड़ने के बाद ऐस्पिरिन से फ़ायदा होता है। लेकिन हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में हुए एक शोध में खुलासा हुआ है कि  रोज एक ऐस्पिरिन लेने से मृत्यु, अपंगता या हृदयवाहिनी संबंधित बीमारी का खतरा कम नहीं होता, बल्कि इसके उलट यह उम्रदराज़ लोगों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।

किसने किया शोध ?

ऑस्‍ट्रेलिया के मोनाश विश्वविद्यालय में शोधकर्ताओं ने यह अध्‍ययन किया है। ‘ऐस्पिरिन इन रिड्यूसिंग इवेंट्स इन द एल्डरली’ (एस्प्री) नाम से किए इस अध्‍ययन के नतीजे हाल ही में सामने आए हैं। मोनाश यूनिवर्सिटी में महामारी विज्ञान और निवारक दवा विभागाध्यक्ष प्रोफ़ेसर जॉन मैकनील ने कहा, ‘ऐस्पिरिन के 100 वर्ष से भी लंबे समय से इस्‍तेमाल होने के बावजूद हमें यह नहीं पता था कि अधिक आयु के स्वस्थ लोगों को लंबे समय तक स्वस्थ रखने के लिए यह दवाई लेनी चाहिए या नहीं।’ उन्‍होंने कहा कि यह अध्ययन उन डॉक्टर्स की भी मदद करेगा, जो लंबे समय से इस उलझन में हैं कि स्वस्थ मरीजों को ऐस्पिरिन दी जाए या नहीं।

19 हजार लोगों पर हुआ अध्‍ययन

शोधकर्ताओं ने यह अध्‍ययन अधेड़ उम्र के लोगों पर किया गया। इसमें अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के 19,114  ऐसे लोगों को शामिल किया गया था, जिन्हें उस वक्त तक दिल से जुड़ी कोई बीमारी नहीं हुई थी। इनमें से आधे लोगों को 5 साल तक रोज़ाना ऐस्पिरिन खाने के लिए दी गई। 5 साल तक चले इस शोध में पता चला कि उनमें ​न तो दिल की बीमारियों का ख़तरा कम हुआ और न ही कोई और फ़ायदा हुआ। यही नहीं, इससे पेट में रक्तस्राव भी शुरू हो गया। यह शोध न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ़ मेडिसिन में प्रकाशित हुआ है।

क्‍या निकला शोध का नतीजा ?

प्रोफ़ेसर जॉन मैकनील कहते हैं, ‘इस अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि 70 से ज़्यादा उम्र वाले स्वस्थ लोग, जो रोजाना ऐस्पिरिन खाते हैं, उनको इससे कोई फायदा नहीं है और साथ ही रक्तस्राव का ख़तरा भी है।’ हालांकि यह अध्ययन उन लोगों पर लागू नहीं होता जो दिल की बीमारी के कारण ऐस्पिरिन ले रहे हैं। उन्हें अपने डॉक्टर की ही सलाह माननी चाहिए। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर पीटर रॉथवेल कहते हैं कि 70 साल की उम्र तक अगर आपको दिल का दौरा नहीं पड़ा है तो इस दवा के वाकई बहुत कम फायदे हैं।

विशेषज्ञों ने क्‍या दी सलाह ?

विशेषज्ञों ने शोध के इन नतीजों को बहुत महत्वपूर्ण बताया है और खुद अपना इलाज करने को लेकर आगाह किया है, क्योंकि पूरी तरह से स्वस्थ लोग भी ऐस्पिरिन खाने लगते हैं ताकि दिल के दौरे का खतरा कम किया जा सके। हालांकि विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि जो लोग लंबे समय से ऐस्पिरिन की कम मात्रा ले रहे हैं, उन्हें इसे तुरंत बंद नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से भी समस्या हो सकती है। उन्हें इस बारे में डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

Related Post

बीड़ी पीने से देश को हर साल हो रहा इतने हजार करोड़ का नुकसान, जानकर चौंक जाएंगे

Posted by - December 28, 2018 0
नई दिल्ली। बीड़ी पीने से देश को करीब 80 हजार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। बीमारी की जांच,…

पाकिस्ताान गई थी बैसाखी मनाने, वहां मुस्लिम युवक से किया निकाह

Posted by - April 19, 2018 0
होशियारपुर निवासी सिख महिला ने लाहौर में किया निकाह, कबूला इस्‍लाम इस्लामाबाद। पाकिस्‍तान के ननकाना साहिब में बैसाखी के जश्न…

कर्नाटक चुनाव तारीख लीक मामले की जांच कराएगा इलेक्शन कमीशन

Posted by - March 27, 2018 0
चुनाव आयोग गंभीर, गठित की जांच कमेटी, 7 दिन में रिपोर्ट देगी समिति नई दिल्ली। कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तारीखें लीक…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *