जानिए कहां शुरू हुई हाइड्रोजन से चलने वाली दुनिया की पहली पॉल्‍यूशन-फ्री ट्रेन

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म्यूनिख। ग्‍लोबल वार्मिंग के बढ़ते खतरों के बीच एक राहत देने वाली खबर आई है। जर्मनी में एक ऐसी ट्रेन लॉन्च हो गई है, जिससे कोई प्रदूषण नहीं होगा और यह पूरी तरह से ईको फ्रेंडली होगी। जी हां,  यह हाइड्रोजन से चलने वाली  दुनिया की पहली ट्रेन है। यह ट्रेन एक बार में करीब 1000 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती है। इसकी अधिकतम रफ्तार 140 किमी/घंटा है।

कहां चलेगी यह ट्रेन ?

बता दें कि रविवार (16 सितंबर) को जर्मनी में इस ट्रेन का परीक्षण किया गया। कोराडिया इलिट (Coradia iLint)  नामक इस ट्रेन की नॉर्थ जर्मनी में हैम्‍बर्ग के पास कॉमर्शियल सर्विस शुरू की गई है। पहली बार इस हाइड्रोजन ट्रेन को 62 मील (लगभग 100 किमी) लंबे ट्रैक पर दौड़ाया गया। इस ट्रेन को TGV बुलेट ट्रेन बनाने वाली फ्रेंच कंपनी अलस्टोम (Alstom) ने बनाया है। कंपनी आने वाले समय में ऐसी और 14 ट्रेन लॉन्च करेगी।

अभी दो स्टेशनों पर ही ईंधन की व्यवस्था

हाइड्रोजन ट्रेन के लिए अभी कुक्सहेवन और बर्मवेर्दे शहर में ही ईंधन भरने की व्यवस्था की गई है। ईंधन डालने के लिए स्टेशन पर 40 फीट ऊंचा एक स्टील कंटेनर लगाया गया है, जिससे ट्रेन में हाइड्रोजन को पाइप के जरिए पहुंचाया जाएगा। अगले दो साल में ईधन की आपूर्ति के लिए जर्मनी में एक हाइड्रोजन फ्यूल स्टेशन भी स्थापित करने की योजना है।

अन्‍य देशों में भी मांग

अभी इस तकनीक को डीजल से चलने वाली ट्रेनों से महंगा बताया गया है, लेकिन अलस्टोम का कहना है कि एक बार खरीदने के बाद इसको चलाने का खर्च लगातार कम होता जाता है। अलस्टोम के सीईओ हेनरी लफार्ज ने लॉन्चिंग के मौके पर कहा कि कई दूसरे देशों से भी इस ट्रेन की मांग आ रही है। इनमें ब्रिटेन, नीदरलैंड, डेनमार्क, नॉर्वे, इटली और कनाडा प्रमुख हैं। फ्रांस की सरकार भी 2022 तक हाइड्रोजन ट्रेन का नेटवर्क बनाने की तैयारी में लगी है।

आइए जानते हैं क्‍या हैं इस ट्रेन की खासियतें –

  • एक बार हाइड्रोजन भरने के बाद यह ट्रेन 1000किलोमीटर की दूरी तय करेगी।
  • इस ट्रेन से बिल्‍कुल प्रदूषण नहीं होगा। इस ट्रेन को पॉल्‍यूशन-फ्री और ईको-फ्रेंडली ट्रेन बताया जा रहा है।
  • इसमें लिथियम-आयन बैटरी का इस्‍तेमाल होगा, जो आमतौर पर मोबाइल फोन और कई घरेलू उपकरणों में भी इस्‍तेमाल होता है।
  • इस ट्रेन में हाइड्रोजन फ्यूल सेल हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की मिक्सिंग से बिजली पैदा करते हैं। यह बिजली ट्रेन में लगी लिथियम आयन बैटरी को चार्ज करती है और इसकी मदद से ट्रेन आगे बढ़ती है।
  • उत्सर्जन के रूप में यह ट्रेन सिर्फ पानी और भाप छोड़ती है।
  • इस ट्रेन की वर्तमान में अधिकतम गति 140किमी प्रति घंटा है।
  • एक ट्रेन की कीमत 7मिलियन डॉलर यानी करीब 51 करोड़ रुपये है। कंपनी का मानना है कि जैसे-जैसे इस ट्रेन की मांग बढ़ेगी,  इसकी कीमत में कमी आएगी।

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