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गरीब बच्चों को फ्री में पढ़ा रही हैं ये बैंक मैनेजर, हर रोज बच्चों को खुद खिलाती हैं खाना

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नई दिल्ली। इस दुनिया में ऐसे बहुत कम लोग होते हैं जो दूसरों के बारे में सोचते हैं। आज हम आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताने जा रहे हैं जो पेशे से एक बैंक मैनेजर हैं लेकिन दिन में समय निकालकर वो गाजियाबाद के इंदिरापुरम में गरीब बच्चों को जरूर पढ़ाती हैं। इनका नाम तरुणा विधाय है।

30 साल की तरुणा विधाय पब्लिक सेक्टर के एक बड़े बैंक में काम करती हैं। गरीब बच्चों को पढ़ाने की शुरुआत उन्होंने 2012 में की। उन्होंने कहा, ‘मैं अपना काम शाम को पांच बजे खत्म कर सीधे इन बच्चों के पास पहुंचती थी। मैं उनके साथ हर रोज लगभग तीन से चार घंटे बिताती हूं। हम साथ में सीखते हैं, खाते हैं और गाने भी गाते हैं।’

काफी थोड़े समय के लिए शुरू किया गया तरुणा का यह काम कब उनकी जिंदगी का हिस्सा बन गया, पता ही नहीं चला। अपने परिवार के बारे में बात करते हुए वह कहती हैं, ‘मेरे ऊपर जल्दी से नौकरी कर के शादी करने का दबाव था, लेकिन मैंने यह प्रण ले लिया था कि मैं उसी से शादी करूंगी जो मेरे इस काम को अच्छे से सपोर्ट कर सके। मेरा अच्छा-खासा समय इन बच्चों के बीच बीतता है।’ बता दें कि तरुणा बच्चों को खाना भी उपलब्ध करवाती हैं जिसमें दाल, रोटी, और पराठे जैसा पौष्टिक आहार शामिल होता है।

शुरू में उनके परिवार वालों ने तो थोड़ा ऐतराज जताया लेकिन आखिरकार तरुणा की लगन और समर्पण के आगे उन्हें झुकना ही पड़ा। अब तरुणा के काम को उनके परिवार वाले काफी सपोर्ट करते हैं। उन्हें गर्व होता है कि तरुणा आज गरीब बच्चों के लिए काम कर रही हैं। वह बताती हैं कि ये बच्चे काफी प्रतिभावान हैं और पढ़ने में भी काफी अच्छे हैं, लेकिन परिवार की स्थिति अच्छी न होने के कारण ये स्कूल का मुंह नहीं देख पाते। इनमें से कई सारे बच्चे तो अपने पैरेंट्स के काम में हाथ भी बंटाते हैं और घर का काम भी देखते हैं। इस वजह से उन्हें पढ़ने का मौका नहीं मिल पाता है।

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