फॉर्टिफाइड बाजरे की रोटी खाओ, दिमाग और शरीर को ताकतवर बनाओ

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नई दिल्ली। बाजरा को उन अनाज में माना जाता है, जो शरीर को ताकत देते हैं और स्वस्थ रखते हैं। अब इसी बाजरा के और ताकतवर बनने से भारत के तमाम ग्रामीण इलाकों में किशोरवय के लड़के-लड़कियों में खून की कमी दूर हो रही है। साथ ही बाजरा खाने से उनका दिमाग भी ताकतवर हो रहा है।

इस तरह बाजरा में आई ज्यादा ताकत
रिसर्च करने वालों ने बाजरा में बायोफॉर्टिफिकेशन किया है। यानी बायो टेक्नोलॉजी की मदद से बाजरा की उपज को ही तमाम स्वास्थ्यवर्धक चीजों से युक्त कर दिया गया है। जबकि, पहले उपज होने के बाद पिसाई के दौरान नमक, आटा और दूध मिलाकर बाजरा की रोटी को स्वास्थ्यवर्धक बनाया जाता था।

यहां के किशोरों पर किया गया प्रयोग
फॉर्टिफाइड बाजरे का प्रयोग महाराष्ट्र के तमाम इलाकों में छह महीने तक किया गया। इस बाजरे से बनी रोटियां 12 से 16 साल के 70 किशोरों को खिलाई गईं। जबकि, 70 अन्य को सामान्य बाजरा से बनी रोटियां दी गईं। इसके बाद उनकी शारीरिक और दिमागी ताकत देखी गई। इससे पता चला कि जिन्होंने फॉर्टिफाइड बाजरा खाया था, उनकी दिमागी ताकत ज्यादा हो गई। इस ग्रुप के किशोरों ने दिए गए किसी भी काम को दूसरे ग्रुप के मुकाबले 50 फीसदी तेजी से पूरा किया।

खून की कमी भी होती है दूर
इससे पहले 260 किशोरों पर हुई एक स्टडी में पता चला था कि बायो फॉर्टिफाइड बाजरा खाने से सामान्य बाजरा के मुकाबले उनके शरीर में खून की कमी 1.6 फीसदी तेजी से दूर हुई। बता दें कि खून की कमी यानी एनिमिया से शरीर को नुकसान तो पहुंचता ही है, साथ ही दिमाग का विकास भी ठीक से नहीं हो पाता है। भारत में 15 से 29 साल की 54 फीसदी लड़कियों और 29 फीसदी लड़कों में खून की कमी पाई जाती है। एनिमिया की वजह से भारत में बच्चे को जन्म देते वक्त 20 फीसदी महिलाओं की भी मौत होती है। इसके अलावा खून की कमी से पीड़ित महिलाओं के पैदा होने वाले बच्चे कमजोर भी होते हैं।

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