‘इलेक्शन गुरु’ प्रशांत किशोर ने राजनीति में मारी एंट्री, JDU में हुए शामिल

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पटना। ‘इलेक्‍शन गुरु’ के नाम से मशहूर और पर्दे के पीछे रहने वाले प्रशांत किशोर ने अब राजनीति में भी एंट्री ले ली है। बिहार के सीएम नीतीश कुमार की मौजूदगी में रविवार (16 सितंबर) को वह जेडीयू में शामिल हो गए। पटना में पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक से ठीक पहले जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने प्रशांत को पार्टी की सदस्यता दिलाई। पार्टी की ये बैठक सीएम नीतीश कुमार के आवास पर ही चल रही है।

प्रशांत किशोर ने खुद दी जानकारी

प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर खुद इस बात की तस्दीक की है कि वह अब पूरी तरह से राजनीति में आ गए हैं। प्रशांत किशोर ने रविवार की सुबह ट्वीट कर कहा – ‘बिहार से नई यात्रा शुरू करने के लिए काफी उत्साहित हूं।’ खास बात यह है कि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर पहली बार जनता दल यूनाइटेड की कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार को बिहार की कुर्सी दिलाने वाले प्रशांत किशोर को आने वाले दिनों में बिहार में पार्टी और सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। बता दें कि नीतीश कुमार के महागठबंधन छोड़ने के बाद प्रशांत किशोर ने उनसे किनारा कर लिया था।

मिल सकती है अहम जिम्‍मेदारी

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नीतीश कुमार ने प्रशांत किशोर को नंबर दो की पोजीशन देने का मन बना लिया है। प्रशांत किशोर पार्टी और सरकार के बीच पुल का काम करेंगे। आने वाले समय में प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने की भी संभावना जताई जा रही है। जेडीयू ज्वाइन करने के बाद प्रशांत किशोर ने कहा, ‘यह ऑफर काफी पहले से था, लेकिन अब समय आ गया जब मैंने फैसला लिया। नीतीश कुमार जो भी जिम्मेदारी सौंपेंगे, उसे निभाऊंगा, चाहे वो सरकार में हो या पार्टी में। दोनों के बीच पुल का भी काम करूंगा।’बता दें कि प्रशांत किशोर को बीजेपी और कांग्रेस दोनों का करीबी माना जाता है। ऐसे में जेडीयू से राजनीतिक पारी के शुरुआत की खबर से उन्होंने सभी को थोड़ा हैरान जरूर किया है।

कौन हैं प्रशांत किशोर ?

प्रशांत किशोर को एक बड़ा चुनावी रणनीतिकार माना जाता है। एक समय चुनाव में जीत की गारंटी बन चुके प्रशांत किशोर उस समय चर्चा में आए थे, जब वर्ष 2014  के लोकसभा चुनाव प्रचार में बीजेपी के प्रचार को उन्होंने ‘मोदी लहर’ में तब्‍दील कर दिया था। उसके बाद उनके बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मतभेद की खबरें सामने आईं और उन्होंने 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन (आरजेडी+जेडीयू+कांग्रेस) के प्रचार की कमान संभाली। इस चुनाव में बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा। हालांकि चुनाव के बाद भी नीतीश कुमार और प्रशांत के बीच मतभेद की खबरें भी सामने आईं। फिर वर्ष 2017 में प्रशांत ने यूपी के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए काम किया। हालांकि कांग्रेस के नेताओं के साथ उनकी नहीं बनी और पार्टी की चुनाव में बुरी तरह से हार हुई। बता दें कि प्रशांत कुमार इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी नाम का एक संगठन भी चलाते हैं, जो चुनाव में पार्टियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम करती है।

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