मायावती की दो टूक – ‘मैं किसी की बहन-बुआ नहीं, सम्मानजनक सीटें मिलीं तभी गठबंधन’

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लखनऊ बीजेपी को 2019 में सत्ता में आने से रोकने के लिए यूपी में संभावित महागठबंधन पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, ‘यह गठबंधन तभी होगा जब हमें सम्मानजनक सीटें मिलेंगी, नहीं तो बीएसपी अकेले चुनाव लड़ेगी।’ हाल ही में जेल से रिहा होने के बाद भीम आर्मी के मुखिया चन्द्रशेखर रावण द्वारा उन्‍हें बुआ कहने पर मायावती ने दो टूक कहा कि उनका किसी के साथ भाई-बहन या बुआ-भतीजे का रिश्ता नहीं है।

क्‍या कहा बसपा सुप्रीमो ने ?

बता दें कि जेल से रिहा होने के बाद सहारनपुर दंगे के आरोपी रावण ने बसपा सुप्रीमो की खुले मन से तारीफ की थी। मायावती को बुआ समान बताते हुए रावण ने अपने समर्थकों से बीजेपी को उखाड़ फेंकने की अपील की। मायावती ने रविवार (16 सितंबर) को लखनऊ में अपने नए आवास पर एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘चंद्रशेखर रावण और भीम आर्मी से बसपा का कोई रिश्ता नहीं है। जबरदस्ती कुछ युवा हमसे रिश्ता बता रहे हैं, जबकि मेरा वास्तव में इस किस्म के लोगों से कभी भी कोई रिश्ता कायम नहीं हो सकता। ये लोग अपनी राजनीतिक महत्वकांक्षाओं की वजह से ही रिश्ता बना रहे हैं और यह साजिश है। मेरा रिश्ता केवल उन कमजोर दलितों, आदिवासियों और पिछड़े लोगों से है, जिनका मैं नेतृत्व करती रही हूं।’

तो अकेले चुनाव लड़ेगी बसपा  !

पत्रकारों ने जब बीजेपी के खिलाफ यूपी में गठबंधन के बारे में पूछा तो मायावती ने कहा, ‘हम किसी भी जगह और किसी भी चुनाव में गठबंधन के लिए तैयार हैं, लेकिन यह तभी होगा जब हमें सम्मानजनक सीटें मिलेंगी। ऐसा नहीं हुआ तो बीएसपी अकेले चुनाव लड़ेगी।’ हालांकि मायावती ने स्‍वीकार किया कि बीजेपी को रोकने के लिए गठबंधन की काफी अहम भूमिका होगी। माना जा रहा है कि मायावती ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सीटों के बंटवारे से पहले दबाव बनाने की रणनीति के तहत यह बयान दिया है।

काफी समय से गठबंधन की अटकलें

दरअसल, बिहार में महागठबंधन द्वारा भाजपा को सत्‍ता से बाहर कर देने के बाद उसी तर्ज पर यूपी में भी काफी समय से एसपी-बीएसपी और कांग्रेस के बीच 2019 लोकसभा चुनाव में महागठबंधन की अटकलें लगती रही हैं। हालांकि इस मुद्दे पर इन पार्टियों ने अभी तक साफ तौर पर कुछ भी नहीं कहा है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव जरूर बीच-बीच में बीएसपी के साथ गठबंधन के संकेत देते रहे हैं।

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