फरीदाबाद के कांत एन्क्लेव में अवैध ढंग से बने सभी वीवीआईपी बंगले गिराएं : सुप्रीम कोर्ट

134 0

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में फरीदाबाद के कांत एन्क्लेव में बने सभी वीवीआईपी बंगलों को ढहाने का आदेश दिया है। सर्वोच्‍च अदालत ने मंगलवार (11 सितंबर) को कहा कि ये सभी बंगले वन भूमि पर बने हैं। यहां किसी तरह के निर्माण की अनुमति नहीं दी जा सकती। बता दें कि कांत एन्‍क्‍लेव में पूर्व मुख्य न्यायाधीश, पूर्व क्रिकेटर, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी समेत कुछ बड़े व्यवसायियों के बंगले हैं।

क्‍या कहा सर्वोच्‍च अदालत ने ?

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस मदन बी. लोकुर और दीपक गुप्ता की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि फरीदाबाद में कांत एन्क्लेव का निर्माण जंगल की जमीन पर हुआ है, जिसमें सरकार की भी अहम भूमिका है। कोर्ट ने हरियाणा सरकार को इन सभी अवैध निर्माणों को गिराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने हरियाणा के मुख्य सचिव को कार्रवाई के लिए 31 दिसंबर तक का समय दिया है।

अगस्‍त, 1992  के बाद बने सभी निर्माण ध्‍वस्‍त होंगे

पीठ ने अपने आदेश में कहा है कि पंजाब भूमि संरक्षण एक्ट, 1900 के तहत 18 अगस्त, 1992 के बाद हुए सभी निर्माण ध्वस्त किए जाएं। पीठ ने कहा,  इस योजना से अरावली पहाड़ों को जो नुकसान पहुंचाया गया है, उसकी भरपाई नहीं हो सकती। फिर भी जो भी उपाय हैं उन्हें किया जाना चाहिए। बता दें कि हरियाणा सरकार ने अरावली के पास 12 अक्टूबर,  2014 से पहले निर्मित भवनों को रेगुलर कर दिया था, जबकि सुप्रीम कोर्ट अरावली को जंगल मानते हुए इसके संरक्षण का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा कि कांत कंपनी ने एन्क्लेव विकसित करने में 50 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। वह पांच करोड़ अरावली पुनर्वास फंड में 31 अक्तूबर तक जमा करे।

प्रभावित परिवारों को मुआवज़ा देने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिन लोगों ने कांत एन्क्लेव में मकान बनाए हैं, उन्हें हरियाणा सरकार मुआवजा दे। जिन भूखंडों पर निर्माण नहीं है, उनकी पूरी कीमत कांत एंड कंपनी 18% ब्याज के साथ निवेशकों को लौटाएगी। ऐसी भूमि जहां निर्माण हो गया है, उसके लिए 50 लाख रुपये वापस किए जाएंगे। यह राशि कांत एंड कंपनी और शहर योजना विभाग आधी-आधी चुकाएंगे। आदेश का क्रियान्वयन कितना हुआ, इसे देखने के लिए कोर्ट अब नवंबर के दूसरे हफ्ते में सुनवाई करेगा।

रोक के बावजूद कराते रहे निर्माण 

जानकारी के अनुसार, 17 अप्रैल,1984 को हरियाणा सरकार ने आर कांत एंड कंपनी को फिल्म स्टूडियो और कांप्लेक्स बनाने के लिए 424.84 एकड़ भूमि दी थी। 19 अगस्त, 1992 को इसे वन भूमि बताते हुए निर्माण पर रोक लगा दी गई, लेकिन इसके बाद भी मिलीभगत से बिल्‍डर अवैध निर्माण कराते रहे। अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद सारी जमीन वन विभाग को वापस मिल जाएगी।

Related Post

खतरनाक बीमारियों से बचाएगा कृत्रिम एंटी ऑक्सीडेंट, 100 गुना ज्यादा है ताकतवर

Posted by - September 13, 2018 0
टोरंटो। वैज्ञानिकों के एक अध्ययन में यह खुलासा हुआ है कि मानव निर्मित एक एंटी ऑक्सीडेंट, ‘टैंपो’  प्राकृतिक रूप से मौजूद…

जानिए किसके बच्चे पर प्यार लुटा रही हैं कंगना….

Posted by - March 13, 2018 0
नई दिल्ली। बॉलीवुड की जानी मानी एक्ट्रेस कंगना रनौट पिछले साल मौसी बन गई हैं। उनकी बड़ी बहन रंगोली रनौट ने बीते साल नवंबर में बेटे को जन्म दिया था। हाल…

आ गए फेसबुक के बरें दिन!

Posted by - June 2, 2018 0
नई दिल्ली। एक समय था जब दुनियाभर में फेसबुक की लोकप्रियता बहुत ज्‍यादा थी, लेकिन गुरुवार को आए एक सर्वे में ये…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *