कलयुगी मां ने नवजात बच्ची को सड़क किनारे फेंका, सिपाही दम्पति ने लिया गोद

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शिवरतन कुमार गुप्ता राज़

महराजगंज। कहा जाता है कि प्रेम अंधा ही होता है और लोग प्रेम में पागल होकर न जाने क्या-क्या कर बैठते हैं। ऐसे लोगों के नाम के साथ सिर्फ बदनामियां ही लिखी जाती हैं। ऐसा ही एक वाकया जिले के फरेंदा थानाक्षेत्र में देखने को मिला है। यहां एक कलयुगी मां लोकलाज के भय से अपनी नवजात बच्ची को सड़क किनारे फेंक कर फरार हो गई।

सड़क किनारे मिली नवजात बच्ची

एक-दो दिन पहले ही जन्‍मी थी बच्‍ची

फरेंदा कस्‍बे के कुछ लोग जब मंगलवार (11 सितंबर) को भोर में टहलने निकले तो अचानक उन्‍हें सड़क किनारे एक बच्‍ची के रोने की आवाज सुनाई दी। लोग जब आवाज वाली जगह पर पहुंचे तो उनकी नजर उस मासूम बच्ची पर गई। बच्ची जोर-जोर से रो रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों मुताबिक, बच्ची एक या दो दिन पहले पैदा हुई लग रही थी। लोगों ने फरेंदा कोतवाली पुलिस को इसकी सूचना दी।

तरह-तरह की चर्चाएं

पुलिस बच्ची को कब्जे में लेकर सीएचसी फरेंदा पहुंची और जांच में जुट गई। कस्‍बे में हर तरफ लोग अपने-अपने तरीके से कयास लगाने लगे। दबी जुबान से लोग चर्चा कर रहे थे कि ये बच्‍ची आखिर किसकी हो सकती है। कुछ लोगों का मानना था कि यह बच्‍ची किसी अविवाहित मां की है, जो लोकलाज के डर से इसे सड़क किनारे फेंक कर चली गई होगी।

सिपाही अरविंद ने पेश की मिसाल

पुलिस जब नवजात बच्‍ची को लेकर फरेंदा सीएचसी पहुंची तो कोतवाली में तैनात सिपाही अरविन्द कुमार ने इस नवजात बच्ची को गोद लेने की इच्छा जाहिर की। इसके बाद फरेंदा सीएचसी में ही अरविन्द कुमार और उनकी पत्‍नी को बच्ची को गोद देने की प्रक्रिया पूरी कराई गई। अरविन्द कुमार का कहना है कि उसके पास बच्चे नही हैं, इसलिए उसने इस नवजात बच्ची को गोद लिया है। वास्‍तव में अरविन्‍द कुमार ने यह कदम उठाकर एक मिसाल कायम की है। उनके इस कदम की क्षेत्र के लोग खुले मन से प्रशंसा कर रहे हैं।

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