सर्जिकल स्ट्राइक पर सेना साथ ले गई थी तेंदुए के मल-मूत्र, वजह जान रह जाएंगे हैरान

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नई दिल्‍ली। भारतीय सेना ने वर्ष 2016  में 28-29 सितंबर को पाकिस्तान में घुसकर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की थी। इसका वीडियो दो साल बाद सामने आया था। अब इस घटना से जुड़ा एक दिलचस्‍प किस्‍सा सामने आया है। दरअसल, इस सर्जिकल स्ट्राइक में योगदान के लिए पूर्व नगरोटा कॉर्प्स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राजेंद्र निंबोरकर को सम्मानित करने के लिए मंगलवार (11 सितंबर) को पुणे में एक कार्यक्रम हुआ, जिसमें राजेंद्र निंबोरकर ने एक दिलचस्प वाकया सुनाया। 

आखिर क्‍या थी वजह ?

राजेंद्र निंबोरकर ने बताया कि पाकिस्तान की सीमा में 15 किलोमीटर अंदर जाने के बाद भारतीय सेना ने तेंदुए के मल-मूत्र का इस्तेमाल किया था। उन्होंने बताया कि उन्‍हें जूलॉजी और एनिमल बिहेवियर की काफी समझ है। उन्‍होंने बताया, ‘रणनीति बनाते वक्त हमें पता था कि रास्ते के गांवों से निकलते वक्त कुत्ते भौंकना शुरू कर सकते हैं, जिसे पाक सेना सतर्क हो सकती थी। इससे निपटने के लिए भारतीय सेना तेंदुए का मल-मूत्र अपने साथ लेकर गई थी, ताकि कुत्‍तों को दूर रखा जा सके।’

तेंदुए का मल-मूत्र ही क्‍यों ?

लेफ्टिनेंट जनरल राजेंद्र निंबोरकर ने बताया, ‘सीमा पर आसपास के जंगलों में हमने देखा है कि तेंदुए अक्सर कुत्तों पर हमला करते हैं और इन हमलों से खुद को बचाने के लिए कुत्ते रात को बस्ती में ही रहते हैं। सर्जिकल स्‍ट्राइक के दौरान हमें इन कुत्‍तों से बहुत खतरा था। सेना तेंदुए का जो मल-मूत्र अपने साथ ले गई थी, उसे गांव के बाहर छिड़क दिया गया, जिससे कुत्ते भौंकें नहीं और सेना आसानी से सीमा पार कर सके।’ निंबोरकर ने बताया कि कुत्‍ते तेंदुए से डरते हैं और उस इलाके से दूर ही रहते हैं जहां उनकी गंध हो।

काफी सीक्रेट रखा गया था ऑपरेशन

निंबोरकर ने बताया, ‘18-19 सितंबर 2016 को उरी बेस कैंप पर आतंकियों ने हमला किया था। इसमें हमले में 19 जवान शहीद हो गए थे। इसी के बाद सर्जिकल स्‍ट्राइक की योजना बनाई गई। इस ऑपरेशन को काफी सीक्रेट रखा गया था। तत्‍कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने एक हफ्ते में ऑपरेशन को अंजाम देने को कहा। हालांकि मैंने अपनी टुकड़ियों से पहले ही इस पर चर्चा कर ली थी, लेकिन उन्हें जगह के बारे में नहीं बताया गया था। जगह के बारे में हमले से एक दिन पहले पता चला। इस हमले के लिए सुबह 3.30 बजे का समय चुना गया था। आतंकियों के लॉन्च पैड्स और ठिकानों को हमने पहले ही चिह्नित कर लिया था।’

सेना ने 29 आतंकियों को ढेर किया था 

निंबोरकर ने बताया, ‘हमले से पहले भारतीय सेना सुरक्षित जगह पर पहुंच गई और समय व मौका देखते ही उसने पीओके में आतंकियों पर हमला बोल दिया। इस ऑपरेशन में सेना के 8 दस्‍ते शामिल थे और कुल 150 जवानों ने इसमें हिस्‍सा लिया था। सेना ने इस हमले में 29 आतंकियों को मार गिराया था और आतंकियों के लॉन्च पैड्स और ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था। हमले को अंजाम देने के बाद सेना वापस सुरक्षित अपनी सीमा में पहुंच गई। यह पूरी कार्रवाई सेना ने इतनी सफाई से की थी कि पाकिस्तानी सेना हक्की-बक्की रह गई थी।’

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