जिन बीमारियों का हो सकता है इलाज, भारत में मर जाते हैं उनके भी लाखों मरीज

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नई दिल्ली। हर साल भारत में 2.4 मिलियन भारतीयों की मौत उन बीमारियों की वजह से होती है, जिसे इलाज करके ठीक किया जा सकता है। The Lancet में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, 136 देशों में भारत का हाल सबसे बुरा है।

क्या कहना है अधिकारी का

साल 2016 में भारत में 1.6 मिलियन लोगों की मौत अस्पतालों में अच्छी देख-रेख नहीं मिल पाने की वजह से हुई। रिपोर्ट तैयार करने वाले आयोग के सह-अध्यक्ष मोहम्मद पाट, जो नाइजीरिया में बिग विन फिलैथ्रॉपी के स्वास्थ्य और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं, ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा कर न्यूनतम स्तर की गुणवत्ता की गारंटी न लेना एक अनैतिक कार्य है।

बेहतर ढंग से मापने की जरूरत

भारत के लोक स्वास्थ्य फाउंडेशन के अध्यक्ष श्रीनाथ रेड्डी का कहना है कि हमें अपने स्वास्थ्य प्रणाली की गुणवत्ता को बेहतर ढंग से मापने की जरूरत है। गुणवत्ता के कुछ तत्‍वों की, मुख्य रूप से मातृ और शिशु स्वास्थ्य में, एनआरएचएम के तहत निगरानी की जा रही है।

कितने लोग इस कारण मरते हैं

भारत में खराब क्वालिटी की केयर मिलने की वजह से प्रति 1 लाख में से 122 भारतीय मर जाते हैं। ब्राजील (74), रूस (91), चीन (46) और दक्षिण अफ्रीका (93) और यहां तक कि पड़ोसी पाकिस्तान (119), नेपाल (93), बांग्लादेश (57) की तुलना में खराब देखभाल की गुणवत्ता के कारण भारत की मृत्यु दर ज्यादा है।

क्या होती है हाई क्वालिटी की केयर?

हाई क्वालिटी की केयर में लोगों का इलाज वक्त पर हो जाता है। इसके अलावा सटीक जांच करना इसमें शामिल है। अक्सर मध्यम और निम्न आय वाले देशों में इसकी कमी रहती है।

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