सूरज से आने वाला विकिरण रोका, तो फसलें हो जाएंगी बर्बाद

135 0

बर्कले। नेचर नाम के जर्नल में कैलीफोर्निया यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च छपी है। इस रिसर्च में कहा गया है कि सूरज से आने वाले विकिरण को रोकने के लिए सल्फेट आधारित एरोसॉल को वातावरण में छिड़का जाने लगा है। इस तरीके से भले ही सूरज की रोशनी के साथ आने वाले विकिरण को रोका जा सके, लेकिन इससे फसलें बर्बाद होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

क्या कहती है रिसर्च ?

कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने रिसर्च के बाद बताया है कि सल्फेट आधारित एरोसॉल को धरती के वातावरण में छिड़कने से गर्मी कम हो जाती है, लेकिन ये तापमान इतना कम हो जाता है कि फसल पक नहीं पाती है। वजह ये है कि एरोसॉल छिड़कने से सूरज की रोशनी भी धरती तक कम ही पहुंचती है।

पहली बार हुई रिसर्च

दरअसल, पश्चिमी देशों में वातावरण में सल्फेट आधारित एरोसॉल को धरती के वातावरण में छिड़ककर गर्मी को कम करने की पद्धति चल रही है। ऐसे में कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने जानना चाहा कि भले ही एरोसॉल छिड़कने से धरती पर गर्मी कम होती हो, लेकिन इसका क्या कोई दुष्प्रभाव पड़ता है। इस रिसर्च को 105 देशों में साल 1979 से 2009 तक किया गया और भुट्टा, सोयाबीन, धान और गेहूं के उत्पादन पर असर देखा गया। रिसर्च में सैटेलाइट से मिलने वाले आंकड़ों और तस्वीरों का भी काफी इस्तेमाल किया गया। जिसके बाद वैज्ञानिकों ने ये नतीजा निकाला।

Related Post

पीएनबी महाघोटाला : पूर्व डिप्टी मैनेजर शेट्टी समेत तीन लोग सीबीआई की गिरफ्त में

Posted by - February 17, 2018 0
सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने शेट्टी, मनोज खराट और हेमंत भट्ट को 14 दिन की रिमांड पर भेजा आईटी डिपार्टमेंट…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *