सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, क्‍यों ना SC/ST संशोधन कानून के अमल पर लगा दें रोक?

73 0
  • सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने SC/ST एक्ट में संशोधन पर केंद्र सरकार को दिया नोटिस, 6 हफ्ते में मांगा जवाब

नई दिल्‍ली। SC/ST एक्ट में संशोधन के खिलाफ सवर्णों ने गुरुवार को भारत बंद रखा था। इस बीच यह मामला एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। एक्‍ट में संशोधन के खिलाफ दो अधिवक्‍ताओं द्वारा दाखिल याचिका पर शुक्रवार (7 सितंबर) को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर 6 हफ्ते में जवाब मांगा है। 

क्‍या कहा सुप्रीम कोर्ट ने ?

बता दें कि SC/ST एक्ट में संशोधन के खिलाफ दो अधिवक्‍ताओं पृथ्वी राज चौहान और प्रिया शर्मा और एक एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर इसे चुनौती दी है। जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की पीठ ने इस पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न कानून के अमल पर रोक लगाई जाए ? सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कानून के अमल पर रोक लगाने की मांग की, जिस पर पीठ ने कहा कि बिना सरकार का पक्ष सुने कानून के अमल पर रोक नहीं लगाई जा सकती।

क्‍या कहा गया है याचिका में ?

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि सरकार का नया कानून असंवैधानिक है क्योंकि सरकार ने सेक्‍शन 18ए के जरिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को निष्प्रभावी बनाया है, जो गलत है। सरकार के इस नए कानून से अब बेगुनाह लोगों को फिर से फंसाया जाएगा। याचिका में यह भी कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट सरकार के नए कानून को असंवैधानिक करार दे और जब तक ये याचिका लंबित रहे, तब तक कोर्ट नए कानून के अमल पर रोक लगाए। बता दें कि गौरतलब है कि एससी-एसटी संशोधन कानून 2018 को लोकसभा और राज्यसभा ने पास कर दिया था और इसे राष्‍ट्रपति ने भी अपनी मंजूरी दे दी है। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद एससी/एसटी कानून पूर्व की तरह सख्त प्रावधानों से लैस हो गया है।

Related Post

हैक हुआ आधार कार्ड का सॉफ्टवेयर, देश के 1 अरब लोगों का डाटा खतरे में

Posted by - September 11, 2018 0
एक अंग्रेजी वेबसाइट ‘हफपोस्ट इंडिया’ ने तीन महीने तक की गई जांच के बाद किया दावा नई दिल्‍ली। आधार कार्ड की सुरक्षा…

उत्‍तर प्रदेश के नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस का सूपड़ा साफ

Posted by - December 1, 2017 0
14 नगर निगमों में भाजपा राज, अलीगढ़-मेरठ में बसपा जीती, सपा-कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला नवगठित अयोध्या, फिरोजाबाद, मथुरा…

There are 1 comments

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *