धारा 377 : जानिए किन लोगों ने लड़ी समलैंगिक समुदाय के लिए लंबी कानूनी लड़ाई

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को  भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 377 को खत्म कर दिया। सर्वोच्‍च अदालत ने कहा कि रजामंदी से बनाए गए समलैंगिक संबंध अपराध नहीं हैं। कोर्ट के इस फैसले से देशभर के समलैंगिकों में जश्‍न का माहौल है।

मशहूर फिल्‍म निर्माता व निर्देशक करण जौहर ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताया है। उन्‍होंने कहा कि इस फैसले से देश को ऑक्‍सीजन मिली। दरअसल, 157 साल पुराने पुराने इस कानून के खिलाफ लोगों ने लंबी लड़ाई लड़ी। इनमें डांसर, शेफ, कारोबारी, जर्नलिस्ट से लेकर एनजीओ में काम करने वाले कार्यकर्ता तक शामिल हैं।

नवतेज सिंह :  59 साल के नवतेज जाने-माने क्लासिक डांसर हैं। वे संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार भी जीत चुके हैं। नवतेज 25 साल से अपने समलैंगिक पार्टनर के साथ रह रहे हैं। वह कहते हैं, ‘मेरे लिए धारा 377 जीवन के अधिकार में हस्तक्षेप की तरह थी।’

रितु डालमिया : शेफ और रेस्त्रां चेन दिवा की मालकिन रितु (45) की लेस्बियन के तौर पर भी जानी जाती हैं। कोलकाता की रितु रेस्त्रां खोलने के लिए लंदन चली गई थीं, लेकिन 1999 में लौट आईं। हाईकोर्ट में समलैंगिक समुदाय के खिलाफ फैसला आने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

केशव सूरी : 83 साल के केशव ने भी धारा 377 के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। वे ललित होटल के मालिक और एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर हैं। उन्‍होंने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से कानूनी और मानसिक टॉर्चर से मुक्ति मिली है। हम चाहते हैं कि हमारे साथ सामान्‍य व्‍यवहार किया जाए।’

अमन नाथ : 61 साल के अमन नाथ ने भी धारा 377 के खिलाफ आवाज उठाई। निर्माणा होटल चेन के मालिक अमन ने इतिहास और कला पर कई किताबें भी लिखी हैं। उन्हें कविताएं पढ़ने का भी शौक है।

आएशा कपूर :  फूड और ब्रेवरेज इंडस्ट्री में खूब नाम कमाने वाली आएशा कपूर (44) ने भी समलैंगिकता को अपराध बताने का हर मोर्चे पर विरोध किया।

सुनील मेहरा : मैग्जिक पत्रिका के पूर्व संपादक और पत्रकार सुनील (63) समलैंगिक संबंधों को लेकर काफी मुखर रहे हैं। करीब 25 साल से नवतेज सिंह के साथ रह रहे सुनील मेहरा एक्टर और एक किस्‍सागो भी हैं।

गौतम यादव : दिल्ली के ‘हमसफर’ नामक एनजीओ में प्रोग्राम ऑफिसर के रूप में काम करने वाले गौतम (27) भी समलैंगिक हैं। जब वे 15 साल के थे तो उन्हें स्कूल से निकाल दिया गया। वे कहते हैं, ‘मैंने याचिका इसलिए दायर की थी, क्योंकि मैं समलैंगिक लोगों को उनका अधिकार दिलाना चाहता था।’

उर्वी : अनंतपुर (आंध्र प्रदेश) निवासी उर्वी आईआईटी बॉम्बे में रिसर्च इंटर्न हैं। धारा 377 को लेकर उन्होंने अलग नाम से याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने समलैंगिक महिलाओं के अधिकारों की बात रखी थी।

आरिफ जफर : लखनऊ में ‘भरोसा’ नाम से एनजीओ चलाने वाले आरिफ (47) धारा 377 के तहत जुलाई 2001 में गिरफ्तार किए गए थे। उन्हें 47 दिन की जेल भी हुई थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर उन्होंने खुशी जाहिर की है।

अकई पद्माशाली :  32 साल की अकई समलैंगिक समुदाय के हक के लिए काम करती हैं। उन्हें कर्नाटक सरकार से राज्योत्सव अवॉर्ड भी मिल चुका है। दो समलैंगिक महिलाओं के लिए उन्होंने 2016 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

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सेलिब्रिटीज ने किया फैसले का स्‍वागत

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा समलैंगिकता को वैध ठहराने के फैसले का विभिन्‍न क्षेत्रों के जाने-माने लोगों ने स्‍वागत किया है। इनमें बॉलीवुड, लेखक और राजनेता हर वर्ग के लोग शामिल हैं। उन्‍होंने ट्वीट के जरिए अपनी भावनाएं व्‍यक्‍त की हैं। आइए जानते हैं उनका क्‍या कहना है –

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