फुटबॉलर केपरनिक को ब्रैंड अंबेसडर बनाने पर भड़के अमेरिकी, जलाए नाइकी के जूते

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न्यूयॉर्क। खेलों से जुड़े सामान बनाने वाली मशहूर कंपनी नाइकी ने जबसे फुटबॉलर कॉलिन केपरनिक को अपना ब्रैंड अबेंसडर बनाया है,  उसे पूरे अमेरिका में और सोशल मीडिया पर जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, विवादों में रहे कॉलिन केपरनिक को कंपनी द्वारा अपना ब्रैंड अबेंसडर बनाना भारी पड़ रहा है। इसके विरोध में लोग नाइकी के उत्पाद जला रहे हैं और सोशल मीडिया पर तस्वीरों के जरिए विरोध कर रहे हैं।

कौन हैं कॉलिन केपरनिक ?

फुटबॉलर कॉलिन केपरनिक नेशनल फुटबॉल लीग (NFL) में सैन फ्रान्सिस्को 49ers की ओर से क्वार्टरबैक प्लेयर के रूप में खेलते थे। वर्ष 2016 में अमेरिका भर में अफ्रीकी-अमेरिकी मूल के लोगों पर हो रहे नस्लीय हमलों और पुलिस फायरिंग का विरोध करने के लिए केपरनिक ने अनोखा कदम उठाया था। वो एक मैच से पहले अमेरिकी राष्ट्रगान पर सावधान की मुद्रा में खड़े रहने से इनकार करते हुए घुटनों के बल बैठ गए थे। यह एपिसोड होने के बाद केपरनिक को NFL से अलग होना पड़ा और इस समय वो किसी टीम का हिस्सा नहीं हैं।

ऐड कैंपेन लांच होने के बाद ही विरोध शुरू

नाइकी का ये कैंपेन सोमवार (3 सितंबर) को लॉन्च हुआ और फिर इसका विरोध शुरू हो गया। लोगों ने विरोध में नाइकी के शूज़ जलाने शुरू कर दिए, निवेशकों ने अपने शेयर बेच दिए हैं। नाइकी उत्‍पादों के बायकॉट करने की मांग के बाद लोग सोशल मीडिया पर भी अपना विरोध जता रहे हैं और इसके बारे में बात कर रहे हैं। सोशल मीडिया एनालिसिस फर्म टॉकवॉकर ने बताया है कि पिछले 24 घंटों में सोशल मीडिया पर 20 लाख से ज्यादा बार नाइकी को मेंशन किया गया है। यही नहीं, इसके बाद से कंपनी के शेयरों में 4 फीसदी की गिरावट आई है।

जबरदस्‍त है कैंपेन की टैगलाइन

नाइकी ने कॉलिन केपरनिक के साथ जो करार किया है उसकी टैगलाइन बेहद जबरदस्त है। नाइकी ने टैगलाइन में कहा है, ‘जिस चीज में आप यकीन करते हैं उस पर आप यकीन बरकरार रखें, भले ही इसके लिए बहुत कुछ त्याग करने की भी जरूरत हो।’  उधर, जानकारों का कहना है कि पहली नजर में तो कंपनी का विरोध होता दिखाई दे रहा है, लेकिन अंतत: इसमें कंपनी को ही फायदा है। ये सबकुछ वही है, जो कंपनी को चाहिए था और कंपनी इसमें सफल भी होगी।

ट्रंप ने भी इसे गलत फैसला बताया

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने भी मंगलवार को एक इंटरव्यू में नाइकी के इस कैंपेन को एक भयावह फैसला बताया। ट्रंप ने इस फैसले पर कहा, ‘मैं कहना चाहता हूं कि मैं इस कैंपेन को इस तरह से नहीं करता। दूसरी तरह से मैं यह भी कह सकता हूं कि यह देश सबकुछ इस बारे में ही है कि आपके पास अभिव्यक्ति की आजादी है और आप ऐसे काम भी कर सकते हैं जो शायद किसी और को ठीक नहीं लगता हो।’ यही नहीं, ट्रंप ने वर्ष 2016 में भी केप‍रनिक के राष्‍ट्रगान के विरोध के कदम को कृतघ्न और अपमानजनक बताया था।

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