SC/ST एक्ट का विरोध तेज, सवर्ण संगठनों ने 6 सितम्बर को बुलाया भारत बंद

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नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा SC/ST एक्ट में संशोधन कर उसे मूल स्वरूप में बहाल करने के विरोध में सवर्ण समुदाय के लोगों ने 6 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया है। बता दें कि पिछली बार एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में दलित संगठनों ने 2 अप्रैल को भारत बंद बुलाया था। उस समय सबसे ज्यादा हिंसा मध्य प्रदेश के ग्वालियर और चंबल क्षेत्र में हुई थी। यही कारण है कि इस बार मध्य प्रदेश प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और कई जिलों में धारा 144 लगा दी गई है।

किसने किया है बंद का ऐलान ?

सवर्ण वर्ग से जुड़े करीब 35 संगठनों ने गुरुवार को एससी/एसटी एक्ट के विरोध में भारत बंद बुलाया है। इनमें सवर्ण समाज, करणी सेना, सपाक्स और अन्‍य संगठन शामिल हैं। उधर, ब्रह्म समागम सवर्ण जनकल्याण संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेन्द्र शर्मा ने कहा कि उनका संगठन एससी/एसटी एक्ट के विरोध में 6 सितंबर को शांतिपूर्ण भारत बंद का समर्थन करेगा। आंदोलन से सबसे अधिक प्रभावित मध्य प्रदेश के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान में भी प्रशासन ने बंद को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए हैं।

क्यों शुरू हुआ विरोध ?

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च को एससी/एसटी एक्ट में बड़ा बदलाव करते हुए कहा था कि इसके अंतर्गत नामजद आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए संबंधित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की मंजूरी अनिवार्य होगी। इसके अलावा एक पुलिस उपाधीक्षक यह जानने के लिए प्रांरभिक जांच कर सकता है कि मामला इस अधिनियम के अंतर्गत आता है या नहीं। विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध किया था और पहले वाले कानून को लागू करने की मांग की थी। विरोध को देखते हुए मानसून सत्र में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट में संशोधन के प्रस्ताव को पारित किया था। इसी को लेकर सवर्णों में काफी रोष है।

मध्‍य प्रदेश में हो रहा व्‍यापक विरोध

बता दें कि मध्य प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से इस कानून के खिलाफ के कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई नेताओं एवं मंत्रियों को काले झंडे भी दिखाए गए हैं।

कलराज बोले – एक्‍ट का हो रहा दुरुपयोग

केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र ने इस कानून पर अपनी निजी राय रखते हुए कहा, वास्‍तव में धरातल पर एससी/एसटी एक्ट का दुरुपयोग हो रहा है। इससे लोगों के अंदर असमानता का भाव पैदा हो रहा है। अधिकारी भी डर रहे हैं कि अगर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो कार्रवाई हो जाएगी। फर्जी मुकदमों में लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘यह पक्ष और विपक्ष का मुद्दा नहीं है। मैं कानून के दुरुपयोग को रोकने के पक्ष में हूं। सभी दलों के नेता अपने यहां के फीडबैक को लें, सभी दल समाधान को लेकर विचार करें।’

नाराज़गी दूर करने में जुटी बीजेपी

बताया जा रहा कि बीजेपी सवर्ण वर्ग की नाराजगी को दूर करने की कोशिशों में जुट गई है। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने वरिष्ठ मंत्रियों और पार्टी नेताओं के साथ ताजा हालात पर विस्तार से चर्चा की है। हालांकि पार्टी ने आधिकारिक रूप से इस संवेदनशील मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन पार्टी नेता इस मुद्दे को तूल देने के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार बता रहे हैं। पार्टी ने इस मुद्दे पर उठ रहे सवालों का जवाब देने का मन भी बनाया है। बताया जा रहा है कि इस हफ्ते के अंत में दिल्ली में होने वाली बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है।

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