Warning: Cannot assign an empty string to a string offset in /var/www/the2ishindi.com/public/wp-includes/class.wp-scripts.php on line 426

Warning: Cannot assign an empty string to a string offset in /var/www/the2ishindi.com/public/wp-includes/class.wp-scripts.php on line 426

Warning: Cannot assign an empty string to a string offset in /var/www/the2ishindi.com/public/wp-includes/class.wp-scripts.php on line 426

Warning: Cannot assign an empty string to a string offset in /var/www/the2ishindi.com/public/wp-includes/class.wp-scripts.php on line 426

Warning: Cannot assign an empty string to a string offset in /var/www/the2ishindi.com/public/wp-includes/class.wp-scripts.php on line 426

बाढ़ के बाद अब ‘रैट फीवर’ की गिरफ्त में केरल, दो दिन में 12 लोगों की मौत

111 0

तिरुवनंतपुरम। सदी की सबसे बड़ी त्रासदी से जूझ रहे केरल में बाढ़ के बाद यहां जलस्तर तो कम हुआ है, लेकिन वहां के लोगों की मुसीबतें कम नहीं हुई हैं। यहां पिछले दो दिनों में ‘रैट फ़ीवर’ यानी चूहे की वजह से होने वाली बीमारी से कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई है। राज्य के कई हिस्सों में यह महामारी तेज़ी से फैल रही है। केरल सरकार ने इसके मद्देनजर तीन हफ्ते के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है।

हालात काबू में होने का दावा

स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि हालात काबू में हैं, क्योंकि ये मौतें बाढ़ प्रभावित 13 में से 5 ज़िलों में हुई हैं। ये वही पांच ज़िले हैं, जो बाढ़ से सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं। रैट फीवर के खौफ को देखते हुए राज्य में तीन हफ्ते के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि राज्‍य के कोझिकोड और पथानमतिट्टा जिलों में 71 और लोग लेप्टोस्पायरोसिस (रैट फीवर) से ग्रस्त पाए गए हैं, जबकि 123 लोगों में इस बीमारी के लक्षण मिले हैं।

कैसे होती है यह बीमारी

विशेषज्ञों का कहना है कि लेप्टोस्पायिरो एक बैक्‍टीरिया है, जो चूहों में पाया जाता है। बाढ़ के दौरान जब चूहे भीग जाते हैं, तब ये बैक्टीरिया इंसानों में पहुंच जाता है। बाढ़ के दौरान इसका खतरा बढ़ जाता है। कासरगोड जिले को छोड़कर बारिश और बाढ़ से राज्य के अन्य सभी 13 जिले प्रभावित हुए हैं। राज्य में लगभग 20 लाख लोग बाढ़ के पानी के संपर्क में आए हैं जिसके कारण सरकार को इन लोगों से जरूरी उपचारात्मक कदम उठाने के लिए कहना पड़ा है।

डॉक्सीसाइक्लिन की गोलियां लेने की सलाह

राज्य सरकार ने ऐहतियात के तौर पर बाढ़ प्रभावित लोगों से डॉक्सीसाइक्लिन की टेबलेट लेने को कहा है। डॉक्‍टरों का कहना है कि बाढ़ के पानी के संपर्क में आने वाले लोगों को कम से कम एक हफ़्ते तक डॉक्सीसाइक्लिन की गोलियां और पेंसिलिन का इंजेक्शन लेना चाहिए। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि दवा न लेने वाले लोगों को बुख़ार और मांसपेशियों में दर्द की शिकायत हो रही  है।

Related Post

अमेरिका ने पाक को फिर चेताया, आतंकियों को खत्‍म करो नहीं तो हम मिटा देंगे

Posted by - December 4, 2017 0
सीआईए प्रमुख माइक पोंपियो बोले – कार्रवाई नहीं की तो उनसे निपटना जानता है ट्रंप प्रशासन न्यूयोर्क :  अमेरिका ने एक…

फर्जी बाबाओं की नई सूची में कालनेमि, सच्चिदानंद और त्रिकाल भवंता

Posted by - December 29, 2017 0
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों की बैठक में किया गया एलान इलाहाबाद। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने तीन और…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *