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OMG : करेंसी नोट से फैल रहीं गंभीर बीमारियां, सरकार से जांच कराने की मांग

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नई दिल्ली। क्‍या आपकी जेब और घर में रखे नोट आपको बीमार बना रहे हैं ? कुछ अध्‍ययनों में सामने आया है कि रुपया यानी करेंसी नोट लोगों को गंभीर रूप से बीमार बना रहे हैं। दरअसल, नोट इतने ज्‍यादा लोगों के हाथ से होकर गुजरते हैं कि उनके ऊपर बड़ी संख्‍या में बैक्‍टीरिया आ जाते हैं। इस मामले की जांच के लिए व्यापारियों के सबसे बड़े संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने सरकार से मांग की है कि वह करेंसी नोट के नकारात्मक प्रभावों की जांच करवाए।

जेटली और नड्डा को लिखा पत्र

संगठन ने रविवार (2 सितंबर) को वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र भेजकर अनुरोध किया है कि लोगों को इसके संपर्क में आने से होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाएं जाएं। कैट ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री हर्षवर्धन को भी पत्र भेजा है। कैट के सचिव प्रवीण खंडेलवाल ने पत्र में लिखा है कि साइंस जर्नल इन चौंकाने वाली सच्चाइयों को हर साल छापते हैं, मगर, सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। उन्होंने कहा कि करेंसी नोट का सबसे अधिक इस्तेमाल व्यापारियों द्वारा किया जाता है और इनसे होने वाली गंभीर बीमारियों का सबसे अधिक असर भी उन्‍हीं के ऊपर होगा।

CAIT ने दिया रिपोर्ट का हवाला

CAIT ने काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च  (CSIR) की रिपोर्ट का भी हवाला दिया है। इसमें कहा गया है कि नोटों में 78 तरह की बीमारियां फैलाने वाले सूक्ष्म जीव पाए गए हैं। उधर, मीडिया रिपोर्ट्स में AIIMS के पूर्व क्‍लीनिकल रिसर्चर मुनीब के हवाले से लिखा गया है कि ‘करेंसी नोट उन सबसे गंदी चीजों में एक हैं जिसको आप टच करते हैं। कई बार तो ये आपकी टॉयलेट सीट से भी गंदे होते हैं। इसलिए आपको सलाह दी जाती है कि कभी भी अपना थूक उंगलियों पर लगाकर इसे न गिनें। इससे टीबी होने का सबसे ज्यादा खतरा होता है।’

कौन सी बीमारियां होने की आशंका ?

व्यापारी संगठन ने अलग-अलग अध्ययनों से मिली जानकारी का हवाला देते हुए दावा किया है कि इन नोटों में हानिकारक बैक्‍टीरिया पाए गए हैं, जिनसे कई गंभीर बीमारियों के फैलने की आशंका है। इनमें पेट से संबंधित, टीबी और त्‍वचा की बीमारियों समेत मूत्र और सांस की नली के संक्रमण, सेप्‍टीसीमिया, दिमागी बुखार और टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम जैसी गंभीर बीमारियां भी शामिल हैं।

अध्‍ययन में भी सामने आ चुकी है बात

‘जर्नल ऑफ रिसर्च इन बायोलॉजी’ में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, शिलांग यूनिवर्सिटी में किए गए एक अध्‍ययन में यह बात सामने आई है कि करेंसी नोटों पर बड़ी संख्‍या में सूक्ष्‍म बैक्‍टीरिया होते हैं। यूनिवर्सिटी के Regional Sophisticated Instrumentation Center (RSIC) के शोधकर्ताओं ने अपने अध्‍ययन में मीट विक्रेताओं, खाद्य विक्रेताओं, अस्‍पताल कर्मियों, नगर पालिका और बैंक से 12 तरह के करेंसी नोट इकट्ठा किए। लैब में जब 10, 50 और 500 रुपये के इन नोटों की जांच की गई तो चौंकाने वाले नतीजे सामने आए। जांच में पता चला कि सभी नोटों में हानिकारक बैक्‍टीरिया मौजूद थे। सबसे ज्‍यादा बैक्‍टीरिया मीट विक्रेताओं के यहां से इकट्ठा नोटों में मिले, जबकि बैंक वाले नोटों में इनकी संख्‍या कम थी। इसी प्रकार छोटी कीमत वाली नोटों में बैक्‍टीरिया की संख्‍या ज्‍यादा मिली, जबकि 500 के नोट में यह कम पाया गया।

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