वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में दावा – अगले 10 साल में समुद्र में डूब जाएगा आधा बैंकाक

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बैंकाक। ग्‍लोबल वार्मिंग के कारण पर्यावरण पर गंभीर खतरे बढ़ रहे हैं। इन खतरों का अंदाजा आप वर्ल्‍ड बैंक की एक रिपोर्ट से लगा सकते हैं, जिसमें चेतावनी दी गई है कि आने वाले 10 सालों में थाईलैंड की राजधानी बैंकाक का लगभग आधा हिस्‍सा समुद्र में डूब जाएगा। यही नहीं, रिपोर्ट में जलवायु परिवर्तन की वजह से तापमान बढ़ने, मौसम में असामान्य बदलाव के समय के साथ और भी बदतर होने की आशंका जताई गई है।

हर साल 2 सेंटीमीटर डूब रहा बैंकाक

ग्रीनपीस थाईलैंड के तारा बुआकामसरी ने बताया, ‘विश्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक भारी बारिश, मौसम के पैटर्न में बदलाव के कारण 2030 तक बैंकाक का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा जलमग्न हो जाएगा। वर्तमान में शहर हर वर्ष एक से दो सेंटीमीटर डूब रहा है और निकट भविष्य में यहां भीषण बाढ़ का खतरा है।’ रिपोर्ट के मुताबिक, थाईलैंड की खाड़ी के निकट के समुद्र चार मिलीमीटर प्रतिवर्ष की दर से ऊपर उठ रहे हैं। वहीं कुछ जानकार मानते हैं कि यह पहले से समुद्र तट के काफी नीचे आ चुका है।

समुद्र से महज 5 फुट की ऊंचाई पर है बैंकाक

दरअसल, बैंकॉक ऐसी जगह पर बसा हुआ है जहां की जमीन काफी दलदल वाली है। यह शहर समुद्र के जलस्‍तर से महज डेढ़ मीटर यानी 5 फुट की ऊंचाई पर स्थित है और यही कारण है कि समुद्र का जलस्तर बढ़ने से इस शहर को सबसे अधिक खतरा बताया जा रहा है। यह उन शहरी जगहों में शामिल है जिन पर निकट भविष्य में ग्‍लोबल वार्मिंग का सबसे ज्‍यादा असर होगा। वर्ल्‍ड बैंक ने बैंकाक के साथ ही दुनिया के कई अन्‍य देशों के लिए भी एडवाइजरी जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, बैंकाक के अलावा जकार्ता और मनीला जैसे दक्षिण एशियाई शहरों पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं।

खूबसूरत बीचों से घिरा है बैंकाक

बता दें कि बैंकॉक की पहचान उसके खूबसूरत बीचेज की वजह से है। यह चारों तरफ से बीचों से घिरा हुआ है। कोह समिट (Koh Samet), को चांग (Koh Chang), कोह मट (Koh Mat)  सहित कई बीच यहां काफी फेमस हैं। बैंकाक की रातों के भी दुनियाभर में चर्चे होते हैं। यहां की खाओ सान रोड पर आपको एक से बढ़कर एक नाइट क्‍लब, बार, और रेस्‍टोरेंट्स मिल जाएंगे। यहां के भव्‍य रूफटॉप स्‍काई बार में आप मजे से ड्रिंक का मजा ले सकते हैं। बैंकॉक की नाइट लाइफ इंज्‍वाय करने के बाद पर्यटक उसे कभी भूल नहीं पाता है।

पेरिस जलवायु समझौते पर अमल का दबाव बढ़ा

बता दें कि संयुक्त राष्ट्र का अगला जलवायु सम्मेलन इस साल के अंत में थाईलैंड में ही होना है, जिसकी तैयारी के लिए दो दिन बाद से से बैठकों का दौर शुरू होने जा रहा है। इस बीच इस चेतावनी ने सम्‍मेलन की मेजबानी के लिए तैयार हो रहे बैंकाक की चिंताएं बढ़ा दी हैं। दरअसल, मौसम में आनेवाले बदलावों की वजह से तापमान घट-बढ़ रहा है, जिसके कारण चक्रवात, बारिश, सूखा और बाढ़ पहले से ज्यादा भयानक हो गए हैं। अब वर्ल्‍ड बैंक की इस चेतावनी के बाद दुनिया भर की सरकारों पर 2015  के पेरिस जलवायु समझौते को अमली जामा पहनाने का दबाव और बढ़ गया है।

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