बोधगया के मेडिटेशन सेंटर में 15 नाबालिग लड़कों का यौन उत्पीड़न, बौद्ध भिक्षु गिरफ्तार

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बोधगया। मुजफ्फरपुर बालिका गृह और पटना के आसरा हाउस का मामला अभी ठंडा भी नहीं होने पाया था कि अब बिहार के ही गया जिले के बोधगया में बच्चों के साथ यौन अत्याचार का मामला सामने आया है। बच्‍चों की उम्र 7 से 13 वर्ष के बीच है। बोधगया के एक मेडिटेशन सेंटर में बौद्ध धर्म की शिक्षा ले रहे 15 बाल लामाओं से यौनाचार का मामला सामने के बाद पुलिस ने सेंटर के संचालक बौद्ध भिक्षु सुजॉय उर्फ संघप्रिय को गिरफ्तार कर लिया है। सेंटर के तीन कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया गया है। 

कैसे सामने आया मामला ?

बताया जा रहा है कि बोधगया के मस्तीपुर के प्रज्ञा ज्योति बुद्धिस्ट नोविस स्कूल एंड  मेडिटेशन सेंटर में शिक्षा लेने वाले बाल लामा असम के कारबिएनलौंग जिले के रहने वाले हैं। कुछ बच्‍चे त्रिपुरा के भी बताए जा रहे हैं।  बच्चों ने बताया कि सेंटर का संचालक भंते सुजॉय उनके साथ अप्राकृतिक यौनाचार करता था। बच्चों को कोलकाता ले जाकर भी उनका शारीरिक शोषण किया जाता था। बच्चों ने इसकी सूचना जब अपने परिजनों को दी तब जाकर पूरे मामले का खुलासा हुआ है। परिजनों के अनुसार बच्चों की शिकायत पर वे बुधवार (29 अगस्‍त) को आनन-फानन बोधगया पहुंचे। यहां जब उन्होंने मामले की जानकारी लेनी चाही तो आरोपी भिक्षु ने सभी 15 पीड़ित बच्चों को संस्था से बाहर निकाल दिया। उनको कपड़े भी नहीं दिए गए।

परिजनों ने पुलिस को दी जानकारी

मेडिटेशन सेंटर के संचालक द्वारा बच्‍चों को बाहर निकाल देने के बाद उनके परिजन सभी को लेकर किसी तरह गया के विष्णुपद थानाक्षेत्र के असम भवन में पहुंचे। इसके बाद घटना की शिकायत पुलिस के आला अधिकारियों से की गई। मामले की जानकारी मिलते ही सिटी डीएसपी के नेतृत्व में विष्णुपद थाना की पुलिस असम भवन पहुंचकर मामले की छानबीन में जुट गई। उधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बोधगया थाना की पुलिस ने आरोपी भंते सुजॉय को गिरफ्तार कर लिया। पीड़ित बच्चों ने आरोप लगाया है कि आरोपी भंते उनसे अक्सर गंदी हरकतें किया करता था।

पॉक्‍सो एक्‍ट के तहत मामला दर्ज

गया के एसपी सिटी अनिल कुमार ने गुरुवार (30 अगस्‍त) को बताया कि संस्था के करीब 15 नाबालिग बच्चों के बयान के आधार पर बोधगया में पॉक्‍सो एक्‍ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पीड़ित बच्चों का आईपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज किया गया है। पूरे मामले की छानबीन की जा रही है। उन्‍होंने बताया कि इस केंद्र के सभी बच्चों को एक अन्य आश्रम में पुलिस की निगरानी में रखा गया है। उनकी मेडिकल जांच भी करवाई जाएगी।

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