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12 साल से अकेले होटल चला रही हैं ये महिला, खुद ही बनाती हैं सारा खाना

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कोच्चि। आप कई ऐसे होटल्स के बारे में जानते होंगे जहां अच्छा खाना मिलता है। आज हम आपको केरल के ऐसे होटल के बारे में बता रहे हैं, जहां अगर एक बार आप खाना खा लेंगे तो दोबारा जरूर जाना चाहेंगे। यह होटल केरल के कोल्लम रेलवे स्टेशन से 2 Km की दूरी पर है। यहां एक बुजुर्ग महिला यशोदम्‍मा अपने हाथों से खाना बनाती हैं।

कैसे हुई शुरुआत

यशोदम्‍मा के पति की मृत्यु 12 साल पहले हो गई थी। उसके कुछ दिन बाद उनके घर में कुछ स्टूडेंट्स आए और उनसे खाना बनाने के लिए गुजारिश करने लगे। उन स्टूडेंट्स के लिए खाना बनाकर यशोदम्‍मा को बहुत खुशी मिली। बस, उन्‍होंने सोच लिया कि वे लोगों को अपने हाथों से खाना बनाकर खिलाएंगी। यहीं से उनके होटल की शुरुआत हुई।

चटखारे लेकर खाते हैं लोग

यशोदम्‍मा के हाथों बनाए खाने में इतना स्वाद होता है कि लोग उसे चटखारे लेकर खाते हैं। लोग उन्‍हें इस स्‍वादिष्‍ट खाने के बदले कुछ भी देने के लिए तैयार रहते हैं। यहां से कभी कोई भूखा नहीं लौटता है। यशोदम्‍मा पिछले 12 सालों से इस होटल को अकेले चला रही हैं और सारा खाना खुद ही बनाती हैं।

क्‍या-क्‍या मिलता है होटल में

यशोदम्‍मा के होटल में लंच में चावल के साथ मछली करी, फ्राइड मछली, टैपिओका, पुलीसरी, थोरन, चमंथी मिलता है। इस होटल में एक साथ सिर्फ 10 लोग ही खाना खा सकते हैं। यशोदम्‍मा रोजाना अकेले ही करीब 50 लोगों के लिए खाना बनाती हैं।

न बिल और न काउंटर

इस होटल में कोई कैश काउंटर नहीं है और ना ही यहां खाने का बिल होता है। यशोदम्‍मा के होटल में लोगों को जितनी इच्छा करे, उतना पैसा दे देते हैं। यशोदम्‍मा का कहना है कि जब मैं लोगों को खाना खिलाकर उनके चेहरे पर मुस्‍कराहट देखती हूं तो ऐसा लगता है कि मेरा दिन सफल हो गया है और यही मेरी असली कमाई है।

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