गौरक्षकों से डरकर गायों को खुला छोड़ रहे हैं लोग, ट्रेन से कटकर रही हैं मर !

82 0

नई दिल्ली। ट्रेनों से कटकर गायों के मरने का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। जानकार इसे गौरक्षकों से जोड़कर देख रहे हैं। उनका मानना है कि गौरक्षा के नाम पर हो रही हत्याओं की वजह से लोग डरकर अपनी गायों को खुले में छोड़ रहे हैं और इस वजह से गायें ट्रेन से कट रही हैं।

इतनी गायें ट्रेन से रही हैं कट
-आंकड़ों के मुताबिक 2015-16 में 2183 गायें ट्रेन से कटकर मरी थीं।
-2017-18 में ट्रेन से कटकर मरने वाली गायों की संख्या 10 हजार 105 थी।
-2018 में अप्रैल से अगस्त के बीच 6 हजार 900 गायें ट्रेन से कटकर मारी जा चुकी हैं।
-ट्रेन से कटकर मरने वाली गायों की संख्या का 70 फीसदी उत्तर भारत में है।

गौरक्षा के नाम पर अब तक हुई हत्याएं
-राजस्थान के अलवर जिले में बीते दिनों रकबर उर्फ अकबर खान की कुछ लोगों ने गौ तस्करी के शक में पीटकर हत्या कर दी थी।
-19 जून 2018 को यूपी के हापुड़ में गोकशी के शक में एक शख्स की हत्या हुई।
-13 जून 2018 को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी के धुपगुड़ी कस्बे में मवेशी तस्करी के शक में दो युवकों को पीट-पीटकर मौत के घाट उतारा गया।
-30 अप्रैल 2017 को असम के नौगांव में भीड़ ने पशु तस्करी के शक में दो लोगों की हत्या कर दी।
-1 अप्रैल 2017 को जयपुर से गायें खरीदकर हरियाणा के नूंह ले जा रहे पहलू खान और उसके साथियों पर हमला। पहलू की इलाज के दौरान 3 अप्रैल को मौत हुई।
-19 अक्टूबर 2015 को हिमाचल के सिरमौर में एक शख्स को गाय तस्करी का आरोप लगाकर पीट-पीटकर मार दिया गया।

Related Post

वैज्ञानिकों ने दिया भारत को दो अलग टाइम जोन में बांटने का सुझाव

Posted by - October 11, 2018 0
नई दिल्‍ली। देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में भारतीय मानक समय (Indian Standard Time) पर आधारित आधिकारिक कामकाजी घंटों से पहले…

विवाहेतर संबंधों में सिर्फ पुरुष दोषी क्यों, सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार

Posted by - December 9, 2017 0
नई दिल्ली। विवाहेतर संबंध बनाने पर महिला को अपराधी नहीं मानने की छूट देने वाला 157 साल पुराना कानून सुप्रीम…

JEE, NEET के क्वेश्चन पेपर अब सेट करेगा कम्प्यूटर, मुन्ना भाइयों की ऐसे लगेगी वाट

Posted by - July 18, 2018 0
नई दिल्‍ली। प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे जेईई मेन, नीटए और यूजीसी नेट को लेकर कई तरह के एलान सामने आ रहे हैं। बता…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *