बैक्टीरिया से लड़ती है ये मिट्टी, त्वचा पर लगाने से भर जाते हैं जख्म

68 0

 

वॉशिंगटन। प्राचीन समय में अगर त्वचा पर कोई घाव हो जाए तो वहां कीचड़ या गीली मिट्टी का लेप लगा दिया जाता था। एक नई स्टडी में ये बात सामने आई है कि यह प्रक्रिया जख्मों में बीमारी पैदा करने वाले रोगाणुओं से लड़ने में मददगार हो सकती है।

किसने किया अध्‍ययन

यह स्‍टडी अमेरिका के एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी में शोधकर्ताओं ने की है। उन्‍होंने पाया कि मिट्टी में प्रतिरोधी बैक्टीरिया के साथ एस्चेरीचिया कोलाई और स्टाफिलोकोकस ऑरियस बैक्टीरिया से लड़ने वाले प्रतिजैविक प्रतिरोधी (एंटीबैक्टेरियल) तत्व होते हैं। कई बैक्टीरिया में उनके प्लवक और बायोफिल्म दोनों स्थितियों में मिट्टी का लेप प्रभावी होता है।

क्या होता है प्लवक

प्लवक एक प्रकार के प्राणी या वनस्पति हैं, जो आमतौर पर जल में पाए जाते हैं, जबकि बायोफिल्म बैक्टीरिया में पाई जाने वाली एक तरह की जीवन शैली है। अधिकतर बैक्टीरिया बायोफिल्म नामक बहुकोशिकीय समुदाय बनाते हैं, जो कोशिकाओं को पर्यावरण के खतरों से सुरक्षित रखते हैं।

क्या कहना है रिसर्चर्स का

अमेरिका के मायो क्‍लीनिक में क्‍लीनिकल माइक्रोबायोलॉजिस्ट रॉबिन पटेल ने कहा, ‘कम आयरन वाली मिट्टी बैक्टीरिया की कुछ किस्मों को खत्म कर सकती है। इनमें बायोफिल्म्स के तौर पर पनपे बैक्टीरिया भी हैं, जिनका उपचार विशेषकर चुनौतीपूर्ण हो सकता है। उन्होंने बताया कि हर तरह की मिट्टी फायदेमंद नहीं होती है।’ यह अनुसंधान इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एंटीमाइक्रोबायल एजेंट्स में प्रकाशित हुआ है।

Related Post

दिखने में सुंदर न होने की वजह से यूरोप में फेंक दिए जाते हैं इतने फल और सब्जियां

Posted by - August 21, 2018 0
लंदन। खाना फेंकने में भारतीयों को अव्वल माना जाता है। भारत में हर साल हजारों टन खाना लोग फेंक देते…

लैंगिक भेदभाव मिटाने को ब्रिटेन के इस स्कूल में अब लड़के भी स्कर्ट में दिखेंगे

Posted by - April 9, 2018 0
लंदन। telegraph.uk नाम की वेबसाइट के मुताबिक ब्रिटेन के नामी अपिंघम स्कूल में लड़के भी अब स्कर्ट में दिखेंगे। लैंगिक भेदभाव खत्म…

करीब-करीब पूरी दुनिया घूम चुके हैं पीएम मोदी, किया 54 देशों का सरकारी दौरा

Posted by - July 23, 2018 0
नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे हमेशा चर्चा में रहते हैं। अब वो अफ्रीका के देशों रवांडा और…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *