एशियन गेम्स 2018 : नीरज चोपड़ा ने जेवलिन थ्रो में रचा इतिहास, गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय

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  • सुधा सिंह ने 3000 मीटर स्टीपलचेज, धरुन ने 400 मीटर हर्डल्स और नीना ने लंबी कूद में जीता सिल्‍वर

जकार्ता। एशियन गेम्स 2018  के नौवें दिन भारत के 20 वर्षीय स्टार जेवलिन थ्रो (भाला फेंक) एथलीट नीरज चोपड़ा ने इतिहास रचते हुए भारत को इस स्पर्धा का पहला गोल्ड मेडल दिलाया। नीरज ने 88.06 मीटर का रिकॉर्ड थ्रो करके अपना पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। इससे पहले 1982 के एशियाई खेलों में गुरतेज सिंह ने जेवलिन थ्रो में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। बता दें कि हरियाणा के पानीपत में जन्मे चोपड़ा 18वें एशियाई खेलों की ओपनिंग सेरेमनी में भारतीय ध्वजवाहक भी थे। 

भारत के 8 गोल्‍ड समेत कुल 41 मेडल

नीरज ने यह स्‍वर्ण पदक जीतने के साथ ही अपने देश को 18वें एशियन गेम्स का 8वां गोल्ड मेडल भी दिलाया। जेवलिन थ्रो स्‍पर्धा में चीन के लिउ किजेन ने 82.22 मीटर के साथ सिल्वर और पाकिस्तान के अरशद नदीम ने 80.75 मीटर के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।  नीरज के अलावा सोमवार को भारत के धरुन अय्यासामी ने पुरुषों की 400 मीटर हर्डल्स, सुधा सिंह ने महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज और नीना वराकिल ने महिलाओं की लंबी कूद में रजत पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया। इसी के साथ भारत के अब 8 गोल्‍ड, 13 सिल्वर और 20 ब्रॉन्ज मेडल के साथ कुल 41 पदक हो गए हैं। भारत ने अब तक एथलेटिक्स में कुल 8 मेडल जीते हैं, जिनमें दो गोल्ड हैं। एक दिन पहले ही तेजिंदर पाल सिंह तूर ने शॉट पुट में गोल्ड मेडल जीता था।

83.46 थ्रो के साथ नीरज ने की शुरुआत

नीरज चोपड़ा शुरू से ही इस इवेंट के गोल्ड मेडल के दावेदार लग रहे थे। उन्होंने अपना पहला ही 83.46 मीटर का किया। उनका दूसरा थ्रो फाउल हो गया, लेकिन नीरज ने इसकी भरपाई तीसरे थ्रो में की। उन्‍होंने तीसरे थ्रो में 88.06  भाला फेंककर गोल्ड पक्का कर लिया। उनके चौथे और पांचवें थ्रो क्रमश: 83.25 और 86.36 मीटर के रहे। नीरज के अलावा कोई भी एथलीट 83 मीटर की दूरी तक जेवलिन थ्रो नहीं कर सका।

प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीरज चोपड़ा को गोल्ड जीतने पर उन्‍हें बधाई दी है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा- ‘जब नीरज फील्ड पर होते हैं, तो उनसे बेस्ट की उम्मीद होती है। इस युवा एथलीट ने जेवलिन थ्रो में गोल्ड जीतकर देश को और खुश किया है। उन्हें नया नेशनल रेकॉर्ड बनाने के लिए भी बधाई।’

नीरज ने पहले भी जीते गोल्‍ड मेडल 

  • 2016 दक्षिण एशियाई खेल : गोल्ड मेडल – 82.23 मीटर
  • 2016 एशियन जूनियर चैंपियनशिप : सिल्वर मेडल – 77.60 मीटर
  • 2016 वर्ल्ड अंडर-20 चैंपियनशिप : गोल्ड मेडल – 86.48 मीटर
  • 2017 एशियाई चैंपियनशिप : गोल्ड मेडल – 85.23 मीटर
  • 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स : गोल्ड मेडल – 86.47 मीटर
  • 2018 सोटेविल एथलेटिक्स मीट : गोल्ड मेडल – 85.17 मीटर

सिल्‍वर मेडल से हुई सुबह की शुरुआत

भारत के लिए सोमवार सुबह स्टार शटलर और लंदन ओलंपिक में कांस्‍य पदक जीतने वाली साइना नेहवाल ने एकल बैडमिंटन में ब्रॉन्ज मेडल जीता। इसके बाद एथलेटिक्स में धारुन अय्यासामी ने 400 मीटर बाधा दौड़, सुधा सिंह ने 3000 मीटर स्टीपलचेस और नीना वरकिल ने लॉन्ग जंप में सिल्वर मेडल जीते।

धरुन ने तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड  

भारत ने सोमवार को पहला पदक ट्रैक एंड फील्ड में जीता। धरुन ने 48:96 सेकंड का समय निकालकर 400 मीटर हर्डल्स (बाधा दौड़) में रजत पदक जीता। उनका यह पर्सनल बेस्ट भी है। बहरीन के अबदुर्रहमान सांबा ने 47:66 सेकंड का नया एशियाई खेल रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता। जापान के ताकातोशी आबे ने 49:12 सेकंड का समय निकाल कर कांस्य पदक जीता।

3000 मीटर स्टीपलचेज में अमेठी की सुधा सिंह ने सिल्वर मेडल जीता

सुधा सिंह गोल्‍ड से चूकीं 

3000 मीटर स्टीपलचेज में अमेठी की सुधा सिंह गोल्‍ड जीतने से चूक गईं। वह 9:40:03 मिनट के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। 2010 के एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाली सुधा एक समय स्वर्ण पदक की दौड़ में थीं, लेकिन बाद में बहरीन की विनफ्रेड यावी से पीछे रह गईं। विनफ्रेड ने 9:36:52 मिनट का समय निकालते हुए स्वर्ण पदक जीता।

नीना को भी सिल्‍वर से करना पड़ा संतोष  

नीना ने लॉन्‍ग जम्‍प के फाइनल में 6.51 मीटर के साथ रजत पदक अपने नाम किया। फाइनल में नीना ने दमदार शुरुआत की। उन्होंने पहले प्रयास में 6.41 मीटर की कूद लगाई। दूसरे और तीसरे प्रयास में उन्होंने क्रमशः 6.40 और 6.50 मीटर और चौथे प्रयास में 6.51 मीटर की कूद लगाई। हालांकि, आखिरी के दो प्रयास में वे 6.46 और 6.50 मीटर की ही दूरी तय कर पाईं। वियतनाम की थाओ थू थी बुई ने 6.55 मीटर की कूद लगाते हुए स्वर्ण पदक जीता। चीन की शिओलिंग शू ने 6.50 मीटर की कूद लगाई और कांस्य पदक जीता।

पीवी सिंधु महिला बैडमिंटन के फाइनल में

भारत की स्टार महिला शटलर पीवी सिंधु ने सोमवार को एशियाई गेम्‍स 2018 में महिला बैडमिंटन सिंगल्स के फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया है। वह एशियाई खेलों के इतिहास में महिला बैडमिंटन के फाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली शटलर बन गई हैं। ओलंपिक मेडलिस्ट ने सोमवार को सेमीफाइनल में विश्व की नंबर-2 खिलाड़ी जापान की अकाने यामागुची को कड़े मुकाबले में 21-17, 15-21, 21-10 से मात दी। इस तरह उन्‍होंने भारत के लिए एक और गोल्‍ड जीतने की उम्‍मीदें बढ़ा दी हैं।

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