वह दिन दूर नहीं, जब इंसानों को नौकरी से हटा देंगे रोबोट !

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  • जापान की फैक्ट्रियों में प्रति 10 हजार इंसानों पर काम कर रहे हैं सबसे ज्‍यादा 295 रोबोट

लखनऊ। रोबोट आज हमारे लिए नई चीज नहीं हैं। अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में रोबोट भी अब काफी विकसित हो गए हैं। रोबोट ने ऐसे-ऐसे काम शुरू कर दिए हैं, जिससे आने वाले दिनों में इंसानों की जिंदगी काफी आसान हो जाएगी। दुनिया के कई मुल्कों में वे तरह-तरह के काम निबटा रहे हैं। शंघाई की जिआओटॉन्ग यूनिवर्सिटी में रोबोटिक्स के प्रोफेसर वान्ग हेशनेग कहते हैं, ‘अब भी रोबोट की कुल लागत ज्यादा है, लेकिन जिस तरह से मजदूरी बढ़ रही है  तो हो सकता है कि भविष्य में रोबोट इंसानों को उनकी नौकरी से हटा दें।’

भारत में यहां काम कर रहे हैं रोबोट

भारत में भी कई फैक्ट्रियों में रोबोट या रोबोआर्म्‍स एक ही तरह से किए जाने वाले कई कार्य कुशलता से संपन्न कर रहे हैं।

  • हाल में, मुंबई में एक निजी बैंक की शाखा में ‘इरा’ नामक रोबोट को ग्राहकों के स्वागत और उन्हें कई तरह की जानकारियां देने के लिए तैनात किया गया है। यह रोबोट एक यांत्रिक महिला कर्मचारी की तरह दिखता है।
  • गुड़गांव की स्टार्टअप कंपनी ग्रे-ओरेंज ने बॉक्स की शक्ल वाले ऐसे रोबोट बनाए हैं, जो 30 मिनट चार्ज होने के बाद 24 घंटे काम कर सकते हैं। इनसे गोदामों में काम लिया जाता है, जहां ये 500 किलो तक का सामान उठाकर एक से दूसरी जगह रखने में सक्षम हैं। फ्लिपकार्ट, DTDC, महिंद्रा, डिलीवरी और आरमैक्स जैसी कंपनियों के गोदामों में इस्तेमाल होने वाले इन रोबोट्स की वजह से यहां इंसानों की जरूरत 60 से 80% कम हो गई है। इन्हें ‘बटलर’ नाम दिया गया है।
  • गुजरात के विठालपुर में हॉन्डा ने अपने नए स्कूटर प्लांट में पांच नए रोबोट लगाए हैं। ये रोबोट धातुओं की पहचान कर सकते हैं और स्कूटर के फ्यूल टैंक का फ्रेम बना सकते हैं। ये रोबोट 16 घंटे में 4500 फ्यूल टैंक बनाने में सक्षम हैं। इतने ही काम के लिए कम से कम 72 लोगों की जरूरत होगी, लेकिन हॉन्डा के इस प्लांट में सिर्फ 14 लोग काम करते हैं, वह भी दो शिफ्ट में। भारत में हॉन्डा का ये चौथा प्लांट दुनिया के सबसे ऑटोमेटेड प्लांट में से एक है।
भारत में होन्डा के एक प्लांट में काम करते रोबोट

बच्‍चे कौन सी किताब पढ़ें, अब इसका जवाब देगा रोबोट, करेगा ये काम

चीन में रोबोट आकर कहते हैं, ‘ऑर्डर प्‍लीज

चीन की राजधानी बीजिंग में इसी साल अगस्‍त महीने में हुई वर्ल्ड रोबोट कॉन्फ्रेंस में उन्‍होंने फुटबॉल भी खेल कर दिखाई। यही नहीं, रोबोट बच्चों को प्रोग्रामिंग भी सिखा रहे हैं। सोचिए, कितना दिलचस्प होगा यह देखना जब आप एक रेस्तरां में जाएं और एक नन्हा रोबोट आपकी खिदमत में हाजिर हो जाए। वेटर की बजाय रोबोट खाने का ऑर्डर ले और गर्मागर्म खाना परोसे। चीन में ऐसे अत्याधुनिक रेस्तरां की शुरुआत हो गई है।

चीन के एक रेस्टोरेंट में ऑर्डर सर्व करने जाते रोबोट

कितनी नौकरियां जाएंगी रोबोट को ?

दुनिया के जाने-माने अर्थशास्त्रियों बर्जनर, फ्रे और ऑसबर्न का कहना है आने वाले समय में ढेर सारी नौकरियां इंसानों के हाथ से निकलकर रोबोट के पास चली जाएंगी। उन्‍होंने अनुमान लगाया है कि किस देश में कितनी नौकरियां रोबोट को जा सकती हैं। उनका कहना है कि ऐसा अनुमान है कि करीब 57% नौकरियां यूरोपीय देशों में रोबोट को जाएंगी। इसके अलावा इथियोपिया में 85%, चीन में 77%, थाईलैंड में 72%, दक्षिण अफ्रीका में 67%, नाइजीरिया में 65%, अर्जेंटीना में 65% और  अमेरिका में 47%, नौकरियां रोबोट के हाथों में जाने का अनुमान है।

फैक्ट्रियों में अब काम करने लगे रोबोट

ऑटोमेशन तेजी से बढ़ रही है। रोबोट दिन-पर-दिन इंटेलिजेंट होता जा रहा है। यही कारण है कि दुनिया भर में नौकरियां रोबोट्स को जा रही हैं। आज दुनिया के कई देशों में फैक्ट्रियों में रोबोट तेजी से इंसान की जगह लेते जा रहे हैं। औसतन 10,000  कर्मचारियों के बीच अब दर्जनों रोबोट मिलना आम बात हो गई है।

आइए जानते हैं किन देशों में फैक्ट्रियों में कितने रोबोट काम कर रहे हैं –

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