रिसर्च से हुआ खुलासा, धूल और धुआं आपकी उम्र को कर देता है इतना कम

82 0

ऑस्टिन। अमेरिका के टेक्सास में ऐसी रिसर्च हुई है, जिससे पता चला है कि वायु प्रदूषण से हमारी उम्र कितनी कम हो जाती है। ऐसी रिसर्च पहली बार की गई है। जिसमें ये पता चला है कि धूल और धुएं से उम्र कितनी घट जाती है।

कहां हुई है रिसर्च ?
ये रिसर्च अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास के कॉकरेल स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग ने की है। रिसर्च को जोशुआ एप्टे ने अपनी टीम के साथ किया है। इस टीम ने 185 देशों से आंकड़े जुटाए और देखा कि हवा में मौजूद महीन पीएम 2.5 के कणों का हमपर कितना असर होता है।

रिसर्च से ये पता चला
रिसर्च करने वालों ने पीएम 2.5 और इससे छोटे कणों के मानव शरीर पर असर को देखा। उन्होंने पाया कि ये कण हमारे फेफड़ों में जाकर चिपक जाते हैं और लगातार वायु प्रदूषण से सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। इसकी वजह से दिल के दौरे, स्ट्रोक, दमा और कैंसर जैसी बीमारियां भी होती हैं। बता दें कि पीएम 2.5 कण कोयले से चलने वाले पावर प्लांट, गाड़ियो से निकलने वाले धुएं, खेतों और अन्य औद्योगिक इकाइयों से हवा में पहुंचते हैं।

रिसर्च करने वालों का ये है कहना
कॉकरेल स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग में असिस्टेंट प्रोफेसर एप्टे ने कहा कि दुनियाभर में वायु प्रदूषण की वजह मूल रूप से पीएम 2.5 और उससे भी छोटे कण हैं। इनकी वजह से दुनियाभर में हर साल लाखों लोग मौत के मुंह में समा रहे हैं। भावी पीढ़ियों को भी लगातार बढ़ते प्रदूषण से गंभीर खतरा है। उन्होंने बताया कि प्रदूषण की वजह से दुनियाभर में मरने वालों का औसत निकालें, तो पता चलता है कि वो तयशुदा उम्र से काफी पहले ही मौत के मुंह में पहुंच गए।

भारत और चीन का दिया उदाहरण
एप्टे और उनकी टीम ने भारत और चीन का उदाहरण दिया है। रिसर्च में कहा गया है कि भारत और चीन में अगर वायु प्रदूषण कम हो जाए, तो यहां जो लोग 60 साल की उम्र में जान गंवाते हैं, वो 85 साल या उससे ज्यादा भी जी सकते हैं।

Related Post

रोजाना बच्ची को गोद में लेकर 6Km पैदल चलकर पढ़ाने जाती हैं श्वेता, दूर-दूर तक नहीं है कोई साधन

Posted by - November 12, 2018 0
    पावन मिश्रा बहराइच। सरकारी स्कूल में टीचर्स के बारे में अक्सर खबरें छपती रहती हैं कि वे टाइम…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *