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…क्योंकि डर के आगे जीत है, बस एक गोली खाओ और डर को दूर भगाओ

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नई दिल्ली। कहा जाता है कि डर के आगे जीत है। खुद के डर पर काबू पाने वाला व्यक्ति जीवन में हर लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लेता है, लेकिन क्या आप जानते हैं शोधकर्ताओं ने अब ऐसी गोली विकसित कर ली है, जिसे खाकर आप अपने डर को दूर भगा सकते हैं।

किसने किया शोध

ड्यूक यूनिवर्सिटी और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) ने एक ऐसी दवा विकसित की है जिसे खाकर डर पर काबू किया जा सकता है। शोधकर्ताओं ने जीन-एन्कोडिंग एंजाइम पर स्टडी की। इसे फैटी एसिड हाइड्रोलेस या FAAH भी कहा जाता है। यह एंजाइम मस्तिष्क में बनने वाले एक प्राकृतिक रसायन एंडोकैनाबिनिड को तोड़ देता है। वास्तव में, FAAH भांग की तरह ही काम करता है। यह चिंता या तनाव को कम करने में मदद करता है।

ऐसे की गई स्टडी

एंड्रयू होम्‍स की अगुवाई में शोधकर्ताओं ने इस स्टडी को चूहों पर किया। उन्होंने चूहों को एक दवा दी जो डरपोक चूहों में FAAH गतिविधियों को रोक देता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि इस दवा को देने के बाद चूहों में डर कम होने लगा क्योंकि इस दवा से मस्तिष्क में एंडोकैनाबिनोइड का स्तर बढ़ जाता है। रिसर्चर्स ने पाया कि ड्रग का प्रभाव चूहों के amygdala (मस्तिष्‍क का एक हिस्‍सा जो डर के लिए उत्‍तरदाई होता है) पर हुआ।

ये आया सामने

इस दवा का असर इंसानों पर होगा या नहीं, इसे जानने के लिए शोधकर्ताओं ने मध्यम आयु वर्ग के उन लोगों पर अध्‍ययन किया जिनकी एमआरआई की गई थी और उनके चेहरे पर भय के भाव थे। शोधकर्ता ये जानने के लिए उत्‍सुक थे कि ऐसे इंसानों के amygdala पर इस दवा का क्‍या प्रभाव होता है। उन्‍होंने जब इन लोगों की दोबारा एमआरआई कराई तो पाया कि उनकी amygdala की गतिविधियों में कमी आई। जिन लोगों के शरीर में FAAH जीन थी, उनकी गतिविधियों में बहुत तेजी से कमी आई। इससे शोधकर्ताओं ने निष्‍कर्ष निकाला कि जिन इंसानों को ये दवा दी गई, वे ज्‍यादा बेहतर तरीके से अपने डर पर काबू कर सकते हैं। शोधकर्ताओं का यह भी कहना है कि जिन लोगों का लोवर एंजाइम फंक्शन ठीक नहीं है, उनके डर को भगाने के लिए फार्माकोलॉजिकल पद्धति से उनका इलाज किया जा सकता है।

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