वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर का 95 वर्ष की उम्र में निधन

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नई दिल्ली। वरिष्ठ पत्रकार और भारतीय पत्रकारिता जगत की मशहूर शख्सियत कुलदीप नैयर का 95 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्‍होंने बुधवार (22 अगस्‍त) की रात करीब साढ़े 12 बजे अंतिम सांस ली। कुलदीप नैयर की तबीयत काफी समय से खराब चल रही थी। बीते तीन दिनों से वह दिल्ली के एक अस्पताल में आईसीयू में भर्ती थे। गुरुवार दोपहर एक बजे लोधी रोड स्थित घाट पर उनका अंतिम संस्कार होगा।

पीएम मोदी ने जताया दुख

वरिष्‍ठ पत्रकार और राजनयिक कुलदीप नैयर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। पीएम मोदी ने दुख जताते हुए एक ट्वीट में कहा, ‘इमरजेंसी के खिलाफ उनका कड़ा रुख, जनसेवा तथा बेहतर भारत के लिए उनकी प्रतिबद्धता को हमेशा याद रखा जाएगा…।’

स्टेट्समैन, इंडियन एक्सप्रेस से जुड़े रहे

कुलदीप नैयर का जन्म 14 अगस्त, 1923 को सियालकोट (अब पाकिस्तान में) में हुआ था। उन्होंने यूएस से पत्रकारिता की डिग्री ली थी। कई वर्षों तक भारत सरकार के प्रेस सूचना अधिकारी रहने के बाद कुलदीप ने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा। वो यूएनआई, पीआईबी, स्टेट्समैन, इंडियन एक्सप्रेस के साथ लंबे समय तक जुड़े रहे। नैयर करीब 25 वर्षों तक ‘द टाइम्स’ लंदन के संवाददाता भी रहे। वह डेक्कन हेराल्ड (बेंगलुरु), द डेली स्टार, द संडे गार्जियन, द न्यूज, द स्टेट्समैन, द एक्सप्रेस ट्रिब्यून पाकिस्तान, डॉन (पाकिस्तान) सहित 80 से अधिक समाचार पत्रों के लिए 14 भाषाओं में कॉलम लिखते रहे।

इमरजेंसी में जेल में रहे बंद

कुलदीप नैयर पत्रकारिता जगत में कई दशकों तक सक्रिय रहे। इमरजेंसी के दौरान जब पत्रकारों को मीसा के अंतर्गत जेल में डाला जा रहा था तो उन पत्रकारों में से एक कुलदीप नैयर भी थे। कुलदीप ने जेल में बिताए अपने इस समय को एक किताब की शक्ल दी थी जिसका नाम ‘इन जेल’ था। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुलदीप नैयर के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।

उनके नाम से पत्रकारों को दिया जाता है अवार्ड

यह दिलचस्प है कि उनके जीवित रहते हुए ही उनके नाम से पत्रकारों को ‘कुलदीप नैयर पत्रकारिता अवार्ड’ दिया जाता रहा है। 23 नवम्बर, 2015 को कुलदीप नैयर को पत्रकारिता में आजीवन उपलब्धि के लिए रामनाथ गोयनका स्मृ़ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कुलदीप नैयर कई किताबें लिख चुके हैं।

ब्रिटेन में उच्‍चायुक्‍त और राज्‍यसभा सदस्‍य भी रहे

कुलदीप नैयर अगस्त, 1997 में मनोनीत सदस्य के रूप में राज्यसभा के सांसद बने। वह एक मानव अधिकार कार्यकर्ता और शांति कार्यकर्ता भी रहे हैं। 1996 में संयुक्त राष्ट्र के लिए भारत के प्रतिनिधिमंडल के वह सदस्य थे। 1990 में उन्हें ब्रिटेन में उच्चायुक्त नियुक्त किया गया था।

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