‘भारत माता की जय’ बोलने वाले फारुख के खिलाफ नमाज पर लगे शर्म करो के नारे

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श्रीनगर। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की श्रद्धांजलि सभा में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारुख अब्दुल्ला ने ‘भारत माता की जय’ के नारे क्या लगा दिए कि अब उन्हें कश्मीर में ही विरोध का सामना करना पड़ रहा है।  बुधवार (22 अगस्‍त) को बकरीद के मौके पर हजरत बल में नमाज पढ़ने गए फारुख अब्दुल्ला के खिलाफ लोगों ने जमकर नारेबाजी की। लोगों ने उनके खिलाफ ‘शर्म करो-शर्म करो’ के नारे लगाए। 

क्‍या कह रहे थे विरोधी ?

हजरत बल दरगाह में नमाज़ के लिए जुटे कुछ लोग इतने नाराज थे कि उन्‍होंने ‘फ़ारुख अब्दुल्लाह वापस जाओ’ और ‘हम क्या चाहते, आज़ादी’ जैसे नारे लगाए। इतना ही नहीं, कुछ लोग तो उन्हें मस्जिद से बाहर निकालने के लिए कहने लगे और हाथों में जूते तक उठा लिए। हालांकि सुरक्षा घेरे के कारण कोई उनके पास नहीं आ सका। जब नारेबाज़ी कर रहे कुछ युवकों ने ख़राब तबीयत के कारण व्हील चेयर पर बैठे फ़ारुख अब्दुल्लाह के नज़दीक जाने की कोशिश की तो कुछ लोगों ने मानव शृंखला बना ली ताकि कोई उन तक न पहुंच सके। वहां मौजूद सुरक्षाबल के जवानों ने भी सांसद फ़ारुख अब्दुल्ला को सुरक्षा देने के लिए उनको घेरे में ले लिया।

फारुख बोले, गुमराह हैं विरोध करने वाले

नारेबाज़ी के बाद भी फारुख अब्‍दुल्‍ला शांत बने रहे और उन्‍होंने अपनी नमाज़ पूरी की। बाद में उन्होंने अपने आवास पर एक न्‍यूज एजेंसी से बातचीत में कहा कि उनका उपहास उड़ानेवाले और उन्हें ताना देनेवाले लोग दरअसल उनके ‘अपने’ ही हैं, जिन्हें उकसाया गया है। फारुख बोले, ‘वे लोग गुमराह हैं और उनके नेता के तौर पर मैं अपने कर्तव्यों से पलायन नहीं कर सकता। कुछ लोग नाराज़ थे, इसका मतलब ये नहीं है कि मैं भाग जाता। मेरी ज़िम्मेदारी है कि मैं सबको एकजुट रखूं।’ उन्होंने विरोध करने वालों को कड़ी नसीहत देते हुए कहा, ‘मैं डरने वाला नहीं हूं। अगर वो समझते हैं कि इससे आजादी आएगी तो मैं इनको कहना चाहता हूं कि पहले बेरोजगारी, बीमारी और भुखमरी से आजादी पाओ।’

पत्‍थर चलाने से वक्‍त नहीं बदलेगा

फारुख अब्‍दुल्‍ला ने कहा, ‘कोने में छुपकर पत्थर चलाने से वक्त नहीं बदल जाएगा। हम गद्दार नहीं हैं, हमें इस मुल्क में ही रहना है और मरना है। हम लोग तबाह हो रहे हैं। हम जिस मुसीबत में हैं, उससे निकलना होगा। ये काम नारेबाजी से नहीं होगा। गरीबी और बदहाली दूर करनी होगी। पिछले 30 साल में हम बहुत पीछे हो गए हैं। नफरत को छोड़ने की जरूरत है। यह देश हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समेत उन सभी का है, जो यहां रहते हैं।’

अटलजी की श्रद्धांजलि सभा में दिया था भावुक भाषण

बता दें कि 20 अगस्त को दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के लिए आयोजित सर्वदलीय प्रार्थना सभा में फ़ारुख अब्दुल्ला ने एक भावुक वक्तव्य दिया था और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए थे। फारुख अब्दुल्ला ने अटल बिहारी वाजपेयी को हिन्दुस्तान के लोगों के दिलों का मालिक बताते हुए उनके रास्ते पर चलने की अपील की थी।

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