मंदसौर रेप केस : दोनों अभियुक्तों को फांसी की सजा, कोर्ट ने 56 दिन में सुनाया फैसला

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मंदसौर। मंदसौर की एक विशेष अदालत ने 26 जून को 8 वर्षीय स्कूली छात्रा का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक बलात्कार करने के मामले में दो युवकों को मंगलवार (21 अगस्‍त) को फांसी की सजा सुनाई है। विशेष न्यायालय की न्यायाधीश निशा गुप्ता ने इस मामले में इरफान (20) एवं आसिफ (24)  को दोषी करार दिया था। अदालत ने रिकॉर्ड 56 दिन में इस मामले में फैसला सुनाया।

15 दिन में ही दाखिल किया आरोपपत्र

पब्लिक प्रॉसीक्‍यूटर बीएस ठाकुर ने बताया कि मध्य प्रदेश पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने दोनों आरोपियों पर भादंवि की धारा 376-डी (सामूहिक बलात्कार), 376 (2एन), 366 (अपहरण), 363 (अपहरण के दण्ड) एवं पॉक्सो एक्ट से संबधित धाराओं के तहत घटना के 15 दिन बाद ही 10 जुलाई को आरोपपत्र दाखिल किया था। पुलिस ने 15 सेकेंड के सीसीटीवी फुटेज के सहारे वारदात को 24 घंटे बाद ही सुलझा लिया था और एक आरोपी इरफान को गिरफ्तार कर लिया था। कोर्ट ने इस मामले में मात्र 56 दिनों में ट्रायल पूरा कर दोषियों को सजा सुनाई। पीडि़ता ने कोर्ट में दोनों आरोपियों की पहचान की थी।

क्‍या था मामला  ?

मंदसौर में इस 8 वर्षीय बच्ची को 26 जून की शाम लड्डू खिलाने का लालच देकर उस वक्त अगवा किया गया था, जब वह स्कूल की छुट्टी के बाद पैदल घर जा रही थी। सामूहिक बलात्कार के बाद कक्षा तीन की इस छात्रा को जान से मारने की नीयत से उस पर चाकू से हमला भी किया गया था। 27 जून की सुबह शहर के बस स्टैंड के पास वह झाड़ियों में लहूलुहान हालत में मिली थी। उसे गंभीर हालत में इंदौर के एमवाई अस्पताल में भर्ती कराया गया था।  शुरुआत में बच्ची की हालत लगातार गंभीर बनी रही। बच्ची का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया था कि हमलावरों ने बच्ची के सिर, चेहरे और गर्दन पर धारदार हथियार से हमला किया था। साथ ही, उसके प्राइवेट पार्ट्स को भी गंभीर चोट पहुंचाई थी, जिसकी वजह से बच्ची की कई बार सर्जरी करनी पड़ी। बच्ची के हौसले देखकर डॉक्टर भी हैरान थे।

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