Warning: Cannot assign an empty string to a string offset in /var/www/the2ishindi.com/public/wp-includes/class.wp-scripts.php on line 426

Warning: Cannot assign an empty string to a string offset in /var/www/the2ishindi.com/public/wp-includes/class.wp-scripts.php on line 426

Warning: Cannot assign an empty string to a string offset in /var/www/the2ishindi.com/public/wp-includes/class.wp-scripts.php on line 426

Warning: Cannot assign an empty string to a string offset in /var/www/the2ishindi.com/public/wp-includes/class.wp-scripts.php on line 426

Warning: Cannot assign an empty string to a string offset in /var/www/the2ishindi.com/public/wp-includes/class.wp-scripts.php on line 426

भोजन को लेकर बच्चों के नखरों का जंगल से है सीधा वास्ता

99 0

लंदन। आपने देखा होगा कि बच्चे भोजन को लेकर काफी नखरे करते हैं। दरअसल, वो खाने में ज्यादातर एक ही चीज दिए जाने से चिढ़ जाते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि भोजन और बच्चों के नखरों के बीच सीधा संबंध है।

रिसर्च से हुआ खुलासा

हाल ही में हुए शोध बताते हैं कि जंगल और भोजन के बीच किस तरह का सीधा रिश्ता है। जिन इलाकों में जंगल होते हैं, वहां भोजन के लिए कई तरह की चीजें मिल जाती हैं। इससे पोषण के लिए जरूरी तत्व भी हासिल होते हैं। रिसर्च के तहत 27 विकासशील देशों के 43 हजार घरों को देखा गया। रिसर्च से खुलासा हुआ कि जंगलों के पास जिनके घर थे, उनमें रहने वाले बच्चों को 25 फीसदी तक ज्यादा अलग-अलग किस्म का भोजन मिलता था।
 
शरीर को इस तरह पोषण भी देते हैं जंगल

रिसर्च से पता चला कि जंगलों के पास रहने वालों को अलग-अलग किस्म के भोजन के लिए चीजें मिलने से शरीर को पोषण भी मिलता है। रिसर्च का नतीजा बताता है कि ऐसे लोगों में विटामिन ए और शरीर में आयरन की कमी नहीं होती। इससे साफ है कि हमारे स्वास्थ्य के लिए भी जंगलों का होना कितना जरूरी है।

कैमरून का डेटा ये बताता है

रिसर्च में अफ्रीकी देश कैमरून के नतीजे भी लिए गए। पता चला कि कैमरून में जंगलों की वजह से महिलाओं को विटामिन ए का 93 फीसदी तक हिस्सा मिल जाता है। जबकि, उन्हें 100 फीसदी सोडियम, 85 फीसदी आयरन, 88 फीसदी जिंक और 89 फीसदी कैल्शियम भी जंगलों से मिलने वाले भोजन की चीजों से मिलता है।

पेड़-पौधे बचाने से ये भी होता है

अगर जंगल और पेड़-पौधे खत्म हो जाएं, तो मधुमक्खियां और अन्य कीड़े भी नहीं बचेंगे। ऐसे में दुनिया में उगाए जाने वाले फल वगैरा में 70 फीसदी की कमी हो जाएगी।

Related Post

गर्भवती महिलाओं के लिए वायु प्रदूषण है खतरनाक, कोख में पल रही बच्चियों पर पड़ता है ज्यादा असर

Posted by - November 20, 2018 0
नई दिल्ली। भारत के कई शहरों में जिस तरह से प्रदूषण बढ़ रहा है, वह काफी चिंता का विषय है।…

पीएम मोदी विश्व के तीसरे सबसे लोकप्रिय नेता, ट्रंप-जिनपिंग को पछाड़ा

Posted by - January 12, 2018 0
इंटरनेशनल रेटिंग एजेंसी गैलप के सर्वे में 53,769 लोगों ने दी अपनी राय 50 अलग-अलग देशों में हुए सर्वे में पीएम…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *