ये दोनों थीं भारत की पहली महिला ग्रेजुएट, इस यूनिवर्सिटी ने दी थी डिग्री

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कोलकाता। नरेंद्र मोदी ने 2014 में पीएम का पद संभालने के बाद बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की थी, लेकिन कम ही लोगों को पता है कि भारत में आखिर किस राज्य में बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने की पहल हुई थी। बता दें कि ब्रिटेन की सबसे पुरानी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में भी बेटियों को ग्रेजुएशन में एडमिशन भारत की इस यूनिवर्सिटी की पहल के बाद ही दिया जाना शुरू किया गया।

कलकत्ता यूनिवर्सिटी ने की थी पहल
भारत में बेटियों को उच्च शिक्षा देने की पहल कलकत्ता (अब कोलकाता) यूनिवर्सिटी ने की थी। कलकत्ता यूनिवर्सिटी ने साल 1878 में छात्राओं को ग्रेजुएशन में दाखिला देना शुरू किया था। जबकि, ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने एक साल बाद यानी 1879 में छात्राओं को एडमिशन देने की शुरुआत की थी।

ये थीं भारत की पहली महिला ग्रेजुएट
कलकत्ता यूनिवर्सिटी में 1878 में जिन छात्राओं ने ग्रेजुएशन में एडमिशन लिया, उनमें एक का नाम कादंबिनी गांगुली और दूसरी का नाम चंद्रमुखी बसु था। दोनों ने यहां से साल 1882 में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की थी। बता दें कि ये वो दौर था, जब महिलाएं स्कूल भी कम ही जाती थीं। ऐसे में कादंबिनी और चंद्रमुखी ने उच्च शिक्षा हासिल कर बंगाल के अलावा देश की तमाम लड़कियों के लिए उच्च शिक्षा हासिल करने का रास्ता तैयार किया था।

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