जानते हैं क्या है न्यू वर्ल्ड सिंड्रोम? भारत में 75% लोग आ चुके हैं इसकी चपेट में

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नई दिल्ली। न्यू वर्ल्ड सिंड्रोम…शायद ये नाम आपने पहली बार सुना होगा। अधिकतर लोगों को इसकी जानकारी नहीं है जबकि ज्यादातर आबादी इस बीमारी की चपेट में है। न्यू वर्ल्ड सिंड्रोम से प्रभावित लोग मोटापा, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, दिल संबंधी रोगों जैसे गैर-संक्रमणीय बीमारियों से पीड़ित होते हैं।

क्या है न्यू वर्ल्ड सिंड्रोम ?

न्यू वर्ल्‍ड सिंड्रोम संक्रमण द्वारा होने वाली बीमारी नहीं है, बल्कि यह जीवनशैली और आहार संबंधी आदतों के कारण होने वाली बीमारियों का एक संयोजन है। न्यू वर्ल्ड सिंड्रोम के लिए पश्चिमी भोजन खासतौर पर जिम्मेदार है। खाने में मौजूद नमक, चीनी, कार्बोहाइड्रेट और परिष्कृत स्टार्च मानव शरीर में जमा हो जाते हैं और मोटापे का कारण बनते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में करीब 75 फीसदी आबादी न्यू वर्ल्ड सिंड्रोम से ग्रस्‍त हैं, जिनमें 20 फीसदी स्कूल जाने वाले बच्चे हैं।

कई तरह की बीमारियों का खतरा

हैदराबाद के सनशाइन अस्पताल के सर्जन डॉ. वेणुगोपाल पारीक ने कहा कि न्यू वर्ल्ड सिंड्रोम पारंपरिक आहार और लाइफस्टाइल में आए बदलाव के कारण होने वाली बीमारी है। इससे कई तरह की बीमारियां जन्‍म लेती हैं। जब शरीर का वजन सामान्य से अधिक हो जाता है तो मधुमेह का खतरा भी बढ़ जाता है। अनियंत्रित मधुमेह के कारण हाई ब्लड प्रेशर, दिल का दौरा, ब्रेन स्ट्रोक, अंधापन, किडनी फेल्योर व नर्वस सिस्टम को क्षति पहुंचने आदि जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। अधिक वजन वाले लोगों में स्लीप एपनिया की गंभीर बीमारी हो सकती है। यह एक सांस संबंधी बीमारी है जिसमें नींद के दौरान सांस लेने की प्रक्रिया रुक जाती है। नींद की समस्या के अलावा उच्च रक्तचाप व हार्ट फेल्योर की समस्या भी हो सकती है।

मोटापा से हो सकता है गठिया भी

जो लोग मोटे होते हैं, उनमें गठिया की शिकायत भी हो सकती है। गठिया जोड़ों को प्रभावित करता है, जिससे व्यक्ति को दर्द होता है और वह चलने-फिरने में असमर्थ हो जाता है। मोटापे की वजह से शरीर में यूरिक एसिड का स्तर भी बढ़ जाता है। बढ़े हुए बॉडी मास इंडेक्स के कारण शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) का स्तर बढ़ जाता है, जिसकी वजह से दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलाव मोटे लोगों में जीवन भर कैंसर होने का खतरा बना रहता है।

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