रिसर्च : सिगरेट से ज्‍यादा खतरनाक है अगरबत्‍ती का धुआं, दे सकता है कैंसर

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लखनऊ। पूजा के दौरान घर की शुद्धि और अपने इष्‍टदेव को प्रसन्‍न करने के लिए हम अक्‍सर अगरबत्‍ती जलाते हैं। ऐसा माना जाता है इससे घर में सकारात्‍मक ऊर्जा आती है। लेकिन कुछ समय पहले चीन में हुए एक अध्‍ययन में कहा गया है कि अगरबत्‍ती के धुएं में पाए जाने वाले केमिकल सेहत के लिए काफी हानिकारक हैं। 

किसने किया अध्‍ययन ?

साउथ चाइना यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्‍नोलॉजी के डॉ. रॉग झोऊ की अगुवाई में हुए इस अध्‍ययन में सिगरेट और अगरबत्‍ती के धुएं से होने वाले नुकसान का तुलनात्‍मक अध्‍ययन किया गया। उन्‍होंने अपने अध्‍ययन में अगरवुड और सैंडलवुड को शामिल किया, जो ज्‍यादातर घरों में जलाए जाते हैं। शोध में यह दावा किया गया है कि अगरबत्‍ती के धुएं में कई हानिकारक तत्‍व मौजूद होते हैं। यह म्‍यूटेशंस की वजह भी बन सकता है और इससे कई तरह की समस्‍याएं पैदा हो सकती हैं।

कैस पहुंचता है नुकसान ?

शोध में बताया गया है कि अगरबत्‍ती के धुएं में 99 फीसदी अल्‍ट्राफाइन और फाइन पार्टिकल्‍स होते हैं। इसमें करीब 64 तरह के कंपाउंड होते हैं, जो हमारी सांस की नली को रोक सकते हैं। यदि अगरबत्ती में ‘म्यूटेजेनि’ नामक केमिकल होता है तो यह ब्लड में जाकर कोशिकाओं के DNA को नुकसान पहुंचा सकता है और उसे बदल भी सकता है। अगर इसमें ‘जेनोटॉक्सिक’ नामक केमिकल है तो यह बॉडी में कैंसर का कारण बन सकता है या फिर इसमें ‘सायटोटोक्सिक’ नामक केमिकल मौजूद होता है तो ये बॉडी सेल्स को नुकसान पहुंचा सकता है।

और क्‍या हो सकता है नुकसान ?

  • शोध में बताया गया है कि अगरबत्‍ती जलाने से इसके पार्टिकल हवा में घुल जाते हैं। बाद में सांस लेने के दौरान ये हमारे फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं और वहीं फंस जाते हैं।
  • अगरबत्ती के धुएं से निकलने वाली कार्बनमोनो ऑक्साइड की वजह से फेफड़ों की बीमारियों के साथ जुकाम और कफ की समस्या भी हो जाती है।
  • इसके धुएं में लगातार सांस लेने से दिल की कोशिकाएं सिकुड़ने लगती हैं। लगातार ऐसा होने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
  • शोध में यह भी कहा गया है कि इससे सिगरेट के धुएं की तुलना में शरीर की जीवित कोशिकाओं को ज्‍यादा नुकसान पहुंचता है।
  • इसमें मौजूद नाइट्रोजन और सल्फर डाईऑक्साइड की वजह से सांस लेने में तकलीफ के साथ अस्थमा की समस्या भी हो सकती है।
  • धुएं में मौजूद हानिकारक केमिकल आंखों में खुजली, जलन और स्किन एलर्जी का कारण बन सकते है। आंखों की रोशनी खराब होने का डर भी रहता है।

 

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