पूर्व लोकसभा स्पीकर और 10 बार सांसद रहे सोमनाथ चटर्जी का निधन

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कोलकाता। लोकसभा के पूर्व स्पीकर और वरिष्‍ठ माकपा नेता रहे सोमनाथ चटर्जी का लंबी बीमारी के बाद सोमवार (13 अगस्‍त) सुबह निधन हो गया। वे 89 वर्ष के थे। वे कोलकाता के अस्‍पताल में भर्ती थे, जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।

लंबे समय से थे बीमार

सोमनाथ चटर्जी पिछले काफी दिनों में बीमार चल रहे थे। बीते 28 जून को ब्रेन हैमरेज के बाद सोमनाथ चटर्जी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें किडनी की समस्या के कारण 10 अगस्त को दोबारा कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके खराब स्वास्थ्य को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा हुआ था।

1968 में की थी कॅरियर की शुरुआत

सोमनाथ चटर्जी ने अपने राजनीतिक कॅरियर की शुरुआत सीपीएम के साथ 1968 में की थी और वो पार्टी से 2008 तक जुड़े रहे। 1971 में सोमनाथ चटर्जी पहली बार सांसद चुने गए। इसके बाद राजनीति में वो निरंतर आगे बढ़ते गए। सोमनाथ चटर्जी ने 10 बार लोकसभा का चुनाव जीता। हालांकि 1984 में वो ममता बनर्जी से लोकसभा का चुनाव हार गए थे। चटर्जी 1989 से 2004 तक लोकसभा में सीपीएम संसदीय दल के नेता रहे। यूपीए शासनकाल के दौरान 2004 में उन्‍हें सर्वसम्मति से लोकसभा का स्पीकर चुना गया था।

उसूलों की खातिर पार्टी लाइन के खिलाफ हुए

वर्ष 2008 में यूपीए-1 शासनकाल में अमेरिका के साथ परमाणु संधि के मुद्दे पर वामदलों ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। इसके बाद सोमनाथ चटर्जी से स्पीकर का पद छोड़ने को कहा गया था, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। पार्टी के निर्देशों को नदरअंदाज करते हुए वह स्पीकर पद पर बने रहे। इसके बाद अनुशासनहीनता के आरोप में उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। सोमनाथ ने अपने निष्‍कासन के बाद कहा था‍ कि यह उनके लिए ‘सबसे दुखी दिन’ था। उन्होंने सलाह दी कि भविष्य के स्पीकर अपने दल से इस्तीफा देकर पद पर आसीन हों। चटर्जी सीपीआईएम के केंद्रीय समिति के सदस्य भी रहे थे और उन्हें प्रकाश करात के धुर विरोधी के रूप में जाना जाता है।

2009 में ले लिया था राजनीति से संन्‍यास

सोमनाथ चटर्जी का जन्म असम के तेजपुर जिले में 25 जुलाई, 1929 को हुआ था। उनके पिता निर्मल चंद्र चटर्जी मशहूर वकील थे, साथ ही वो अखिल भारतीय हिंदू महासभा के संस्थापक भी थे। सोमनाथ चटर्जी ने अपनी पढ़ाई-लिखाई कोलकाता और प्रतिष्ठित कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से की थी। साल 2009 में उन्होंने राजनीति से संन्यास ले लिया। अपने लोकसभा स्‍पीकर के कार्यकाल में सोमनाथ चटर्जी ने लोकसभा के शून्य काल का लाइव प्रसारण शुरू कराया। इसके बाद वर्ष 2006 में लोकसभा का प्रसारण 24 घंटे के लिए किया जाने लगा।

राष्‍ट्रपति, पीएम समेत नेताओं ने जताया दुख

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमनाथ चटर्जी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट में लिखा, ‘सोमनाथ चटर्जी के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ। देश और बंगाल के लिए यह एक बड़ी हानि है। उनके परिवार और शुभचिंतकों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।’  पीएम मोदी ने ट्वीट में लिखा, ‘पूर्व सांसद और अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी भारतीय राजनीति के एक स्तंभ थे। उन्होंने हमारे संसदीय लोकतंत्र को मजबूत किया। वह कमजोर लोगों के कल्याण के लिए एक मजबूत आवाज थे। मैं उनके निधन से दुखी हूं और उनके परिवार व समर्थकों के साथ मेरी संवेदना है।’ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, ‘वह एक संस्थान थे और पार्टी लाइन से हटकर सभी सांसदों के मन में उनके लिए अपार सम्मान था। इस दुख के समय में उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।’ दिल्‍ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी सोमनाथ चटर्जी के निधन पर दुख जाहिर किया है। केजरीवाल ने कहा कि उन्हें लोकसभा के महानतम स्पीकर की श्रेणी में हमेशा याद रखा जाएगा।

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