असम के बाद अब झारखंड और यूपी में पाक और बांग्लादेशी घुसपैठियों की होगी पहचान

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रांची/मेरठ। असम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर यानी एनआरसी बनने और 40 लाख लोगों के इस रजिस्टर में शामिल न होने के बाद अब झारखंड सरकार भी पाकिस्तानी और बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान के लिए एनआरसी बनवाना चाहती है। उसने इस बारे में गृह मंत्रालय में अर्जी भी लगा दी है। वहीं, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी कहा है कि जरूरत पड़ी, तो यूपी में भी एनआरसी बनवाई जाएगी।

झारखंड सरकार ने लगाई अर्जी

झारखंड सरकार ने राज्य के संथाल परगना में एनआरसी कराने की अर्जी गृह मंत्रालय में दी है। इस इलाके के पश्चिम बंगाल से लगे साहिबगंज और पाकुड़ जिलों में सबसे ज्यादा बांग्लादेशी घुसपैठिए होने की बात झारखंड सरकार ने कही है। झारखंड सरकार ने इस साल 10 जनवरी को गृह मंत्रालय में अर्जी दी थी। 25 जुलाई को सरकार ने रिमाइंडर भी भेज दिया है। सरकार ये भी मानती है कि राज्य में पाकिस्तानी घुसपैठिए भी बड़ी तादाद में हैं।

अब सुप्रीम कोर्ट जाएगी झारखंड सरकार

झारखंड सरकार ने अफसरों से कहा है कि वो एनआरसी कराने की अर्जी सुप्रीम कोर्ट में देने के लिए सारी तैयारी करें। इसके लिए राज्य के गृह विभाग के अफसर दिन-रात कागजात तैयार कर रहे हैं।

झारखंड के इन जिलों में बांग्लादेशी

झारखंड के साहिबगंज और पाकुड़ में सबसे ज्यादा बांग्लादेशी घुसपैठिए होने का दावा राज्य सरकार का है। इसके अलावा जामताड़ा और गोड्डा जिलों में भी बांग्लादेशी घुसपैठियों की संख्या लगातार बढ़ने की जानकारी केंद्र सरकार को दी गई है। बता दें कि केंद्र सरकार ने 1994 में साहिबगंज जिले में सर्वे किया था। तब वहां 17 हजार से ज्यादा बांग्लादेशी घुसपैठिए होने का पता चला था। इसके बाद डीएम ने नए सिरे से वोटरलिस्ट बनवाई थी। जिसमें से सभी 17 हजार लोगों का नाम काटा गया था।

यूपी सरकार भी बना सकती है एनआरसी

इस बीच, मेरठ में बीजेपी की एक बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी कहा है कि राज्य सरकार एनआरसी बनवा सकती है। उन्होंने कहा कि जिस तरह पश्चिमी यूपी और नेपाल से लगी सीमा के आसपास का माहौल है, उसे देखते हुए वहां घुसपैठियों की अच्छी-खासी तादाद होने के आसार हैं। इसके अलावा लखनऊ, कानपुर जैसे शहरों में भी घुसपैठियों के बसने की सूचना राज्य सरकार को मिलती रही है। कई बार बांग्लादेशी मूल के आतंकवादी भी यूपी में पकड़े जाते रहे हैं। जिसकी वजह से राज्य सरकार एनआरसी बनवाने पर गंभीरता से विचार कर रही है।

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