ठंडे पानी में भी पक जाता है ये चावल, इस राज्य में ही उगाते हैं किसान

132 0

गुवाहाटी। बोका शब्द आपने सुना होगा। बंगाल और असम में किसी बेवकूफ शख्स के लिए ये शब्द इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन एक चावल को भी बोका कहा जाता है। वजह ये है कि इस चावल को पकाने के लिए उबालना नहीं पड़ता। ठंडे पानी में रखने से ही ये खाने लायक बन जाता है।

कहां होता है बोका चावल ?

बोका चावल या बोका धान असम की खासियत है। पूरी दुनिया में सिर्फ यहीं के किसान बोका धान की खेती करते हैं। इस चावल का वैज्ञानिक नाम ओरिज्या सताइवा है। इसे हाल ही में जीआई टैग नंबर 558 दिया गया है। यानी अब बोका धान को असम के अलावा कहीं और नहीं उगाया जा सकेगा।

कितनी देर में पक जाता है बोका चावल ?

बोका चावल को ठंडे पानी में एक घंटे तक रख दिया जाता है। जिसके बाद ये उसी तरह पककर फूल जाता है, जिस तरह बाकी किस्म के चावल को उबालकर पकाया जाता है। इसके बाद इस चावल को दही, गुड़ और पके केले के साथ मिलाकर खाया जाता है।

Related Post

किड्स मील में सेब नहीं फ्राइज पसंद कर रहे हैं बच्चे, हेल्दी फूड शामिल करने का नहीं हुआ फायदा

Posted by - October 2, 2018 0
टेक्सास। कुछ साल पहले, अमेरिका में उपभोक्ता से बात करने वाले समूह ने रेस्तरां को बच्चों को हेल्दी फूड देने…

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *