दिल्ली पुलिस में देश की पहली महिला SWAT टीम शामिल, आतंकियों को देगी मुंहतोड़ जवाब

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नई दिल्‍ली। देश में पहली बार किसी पुलिस फोर्स में सिर्फ महिलाओं की स्वाट (SWAT) टीम को शामिल किया गया है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार (10 अगस्‍त) को इस टीम को दिल्ली पुलिस फोर्स में आधिकारिक रूप से शामिल करने की घोषणा की। 15 महीने की कड़ी ट्रेनिंग के बाद ये स्क्वाड बनाया गया है। इस टीम की खास बात ये है कि इसमें शामिल सभी 36 महिला कॉन्स्टेबल्स नॉर्थ ईस्ट से हैं।

पुलिस कमिश्‍नर पटनायक ने की थी पहल

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं की ये स्‍वाट टीम बनाने का आइडिया पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक ने दिया था। पटनायक ने कहा, ‘जब शहरी इलाकों में आतंकी हमलों और होस्टेज क्राइसिस जैसी स्थिति हो तो इस वुमन स्क्वाड की बराबरी कोई नहीं कर सकता। यहां तक कि झड़ौदा कलां के पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में इन महिलाओं ने अपने पुरुष साथियों से भी बेहतर प्रदर्शन किया था।’ SWAT टीम का अर्थ होता है Special Weapons and Tactics टीम।

15 महीने की कड़ी ट्रेनिंग

राष्‍ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय सिक्‍योरिटी और डिफेंस एक्सपर्ट्स ने 15 महीने की कड़ी ट्रेनिंग के बाद इस स्‍वाट टीम को तैयार किया है। टीम में शामिल महिला सदस्‍यों को स्‍पेशल कमांडो ट्रेनिंग दी गई है। साथ ही स्‍वाट टीम को  इजरायली ‘कर्व मागा’ की भी ट्रेनिंग दी गई है। यह एक तरह की डिफेंस ट्रेनिंग होती है, जिसमें व्‍यक्‍त‍ि बिना हथियार के हथियारबंद हमलावरों से लड़ाई लड़ने की तकनीक सीखता है। इन महिलाओं को बिल्डिंग्स पर चढ़ने, बस या मेट्रो में सिचुएशन से निपटने, होस्टेज को निकालने जैसी ट्रेनिंग भी दी गई है। इस टीम के सदस्‍यों को सेंट्रल और साउथ दिल्ली की संवेदनशील जगहों पर तैनात किया जाएगा।

किन हथियारों से लैस होगी टीम ?

स्‍वाट टीम की महिला सदस्‍य एमपी-5 सबमशीन गन से लैस होंगी। इसे सबसे ताकतवर राइफल माना जाता है। साथ ही इनके पास glock 21 पिस्टल भी होगी। .45 कैलिबर गन में इसे सबसे बेहतरीन माना जाता है। बता दें कि इस टीम को हैंड ग्रेनेड किट, वायरलेस सेट, 20 मीटर नाइलॉन रस्सी, पेंसिल टॉर्च, बुलेटप्रूफ जैकेट, बुलेटप्रूफ हेल्मेट, कटर और कमांडो डैगर (चाकू) भी दिया गया है।

टीम की सभी सदस्‍य नॉर्थ ईस्‍ट से

महिलाओं की इस टीम में सभी 36 सदस्‍य नॉर्थ ईस्‍ट के रहने वाली हैं। इनमें सबसे ज्‍यादा 13 महिला कॉन्स्टेबल असम की रहने वाली हैं। इनके अलावा टीम में अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और मणिपुर से 5-5 सदस्य, मेघालय से 4, नगालैंड से 2, और मिजोरम और त्रिपुरा से 1-1 सदस्य हैं। भाषाई दिक्कत न हो इसके लिए टीम में एक इंस्ट्रक्टर भी रखा गया है।

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