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यूरोप के इन देशों में पुरुषों से ज्यादा हैं महिलाएं

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लखनऊ। लिंग अनुपात में लगातार बढ़ रहे अंतर से दुनिया के कई देश परेशान हैं। भारत सहित कई देशों में तो बेटी बचाओ मुहिम भी जोरों से चल रही है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहां औरतों की आबादी मर्दों से ज्यादा है ? 2015 की जनगणना के अनुसार इनमें टॉप पर लातविया का नाम है, जहां महिलाओं की आबादी 54.10%  है। हालांकि भारत में महिलाओं का प्रतिशत 48.20 है।

आइए जानते हैं कि दुनिया में और कौन से देश हैं, जहां महिलाओं की आबादी 50 फीसदी से ज्यादा है –

विभिन्न देशों में महिलाओं का प्रतिशत (स्रोत : वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन)

वैश्विक स्‍तर पर महिलाओं से जुड़े कुछ तथ्‍य  

  • वर्ष 2015 में विश्व की कुल आबादी 3 बिलियन थी जिनमें से लगभग 83 प्रतिशत (6 बिलियन) विकासशील देशों में, जबकि शेष 17 प्रतिशत (1.3 बिलियन) लोग विकसित देशों में रहते हैं।
  • वैश्विक स्तर पर महिलाओं की आबादी लगभग 3.6 बिलियन और पुरुषों की 3.7 बिलियन है।
  • दुनिया की कुल आबादी की 49.6 प्रतिशत महिलाएं हैं।
  • वैश्विक स्तर पर लिंगानुपात 1.02 है, यानी 102 पुरुषों पर 100 महिलाएं हैं।
  • वैश्विक स्तर पर वर्ष 2010-2015 के दौरान महिलाओं की जीवित रहने की औसत उम्र 72 एवं पुरुषों की 68 वर्ष रही है।
  • महिलाओं के संदर्भ में जीवित रहने का सबसे उच्च औसत जापान (86.9 वर्ष) का है।
  • महिला और पुरुषों की जीवन प्रत्याशा में सर्वाधिक अंतर (13 वर्ष) सोवियत संघ में पाया जाता है। यहां महिलाओं की औसत उम्र 74 वर्ष और पुरुषों की 61 वर्ष है।
  • लगभग पूरी दुनिया में सरकारी एवं निजी संस्थानों में निर्णय-निर्माण की प्रक्रिया में महिलाएं की भूमिका सीमित है। हालांकि पिछले दो दशकों में इस स्थिति में परिवर्तन हुआ है, परंतु यह बहुत धीमा है।
  • प्रत्येक पांच में से एक महिला ही विधायिका में सदस्य है। कुछ देशों में महिला आरक्षण की व्यवस्था है जिससे इनके चुने जाने का प्रतिशत बढ़ा है।
  • विधायिका में वर्ष 1997 में महिलाओं का अनुपात 12 प्रतिशत था वहीं वर्ष 2015 में बढ़कर 22 प्रतिशत हो गया है।
  • मंत्रिमंडल में केवल 18 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी है।
  • संसद में महिला सांसदों के प्रतिशत के संदर्भ में रवांडा पहले स्थान पर है, जहां 64 प्रतिशत महिला सांसद हैं।
  • विकसित एवं विकासशील दोनों ही देशों में महिलाओं का अपने घनिष्ठ सहयोगी द्वारा यौन उत्पीड़न आम बात है।

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