चीनी से ज्यादा खतरनाक है आर्टीफिशियल स्वीटनर, ब्रेन को भी पहुंचाता है नुकसान

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नई दिल्ली। क्या आप भी खाने-पीने की चीजों में आर्टीफिशियल स्वीटनर यानी कृत्रिम मिठास का इस्तेमाल करते हैं? अगर हां, तो संभल जाइए। कृत्रिम मिठास के इस्तेमाल से मधुमेह, हाई ब्लडप्रेशर और दिल संबंधी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है।

क्या है आर्टीफिशियल स्वीटनर ?

कृत्रिम मिठास या आर्टीफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल चीनी के स्थान पर किया जाता है। ये चीनी की तरह ही मीठा स्वाद देती है, लेकिन इसमें फूड एनर्जी कम होती है। इसकी रासायनिक संरचना चीनी से बिल्कुल अलग होती है। कृत्रिम मिठास में कोई पोषक तत्व नहीं होते।

आपको जानकर हैरानी होगी कि ये आर्टीफिशियल स्वीटनर कई देशों में बैन है। हाई डोज में ये स्वीटनर्स लेने पर टॉक्सिक में तब्दील हो जाते हैं। ब्रेन को नुकसान पहुंचाते हैं। जानिए क्‍या हैं इसके नुकसान –

1. आर्टीफिशियल स्वीटनर को पचाना आसान नहीं होता है। इसके अलावा इसके इस्तेमाल से वजन बढ़ने और मोटापे की चपेट में आने की भी आशंका होती है।

2. सिरदर्द, घबराहट, मितली, नींद कम आना और जोड़ों में दर्द आर्टीफिशियल स्वीटनर के साइड इफेक्ट्स में शामिल हैं।

3. आर्टीफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल करने से आंतों में मौजूद बैक्टीरिया पर नकारात्मक असर पड़ता है। इससे ज्यादा भूख लगने लगती है।

4. आर्टीफिशियल स्वीटनर के नियमित इस्तेमाल से शरीर में इंसुलिन हार्मोन काफी बढ़ जाता है। इससे शरीर में मौजूद ग्लूकोज भी प्रभावित होता है। इसकी वजह से ओवरईटिंग जैसी समस्या होती है।

5.कृत्रिम मिठास का लगातार सेवन हृदय की धड़कनें तेज कर देता है। अगर यह स्थिति लगातार बनी रहती है तो हृदय की धड़कनें अनियंत्रित हो जाती हैं, जिससे दिल के दौरे की आशंका बढ़ जाती है।

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