पॉलीथिन ही नहीं, कपड़े के बैग भी पर्यावरण के लिए नहीं होते फायदेमंद !

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नई दिल्ली।  यूपी, उत्तराखंड और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों ने प्लास्टिक और पॉलीथिन पर बैन लगा दिया है। लोग इस वजह से कपड़े के बैग इस्तेमाल करने लगे हैं। लोगों को लगता है कि कपड़ों के बैग से पर्यावरण को नुकसान नहीं होता, लेकिन ये पूरी तरह सही नहीं है। कपड़ों का बैग भी पर्यावरण का मित्र तभी बनता है, जब इसे कम से कम कई हजार बार इस्तेमाल किया जाए।

रिसर्च से निकला नतीजा

रिसर्च से पता चला कि कपड़े के बैग को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए उसका कम से कम 7 हजार 100 बार इस्तेमाल करना जरूरी होता है। यानी अगर आप रोजमर्रा का सामान खरीदने दुकान पर हफ्ते में एक बार जाते हैं और कपड़े का बैग इस्तेमाल करते हैं, तो इसे पर्यावरण के अनुकूल बनाने में 136 साल लगेंगे।

रिसर्चर का ये है कहना

इस बारे में डेकिन यूनिवर्सिटी के लेक्चरर डॉ. ट्रेवर थॉर्नटन का कहना है कि पॉलीथिन और प्लास्टिक को हटाना जरूरी है, लेकिन पर्यावरण के अनुकूल दूसरी वस्तु को लाना या उसका इस्तेमाल शुरू करने से पहले देखना जरूरी है कि हम कहीं इस पर बेकार में पैसा तो खर्च नहीं कर रहे हैं। रिसर्च से ये भी पता चला कि जिस प्लास्टिक से दुनियाभर में प्रदूषण फैलने की बात कही जा रही है और समंदर तक कूड़ा फैल रहा है, इस बारे में भी पुष्ट प्रमाण नहीं हैं।

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